राजनीति करने वालों को भूपेश बघेल का जवाब-भाजपा मुआवजे पर राजनीति न करे
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी संवेदनाओं को लेकर हमेशा चर्चा मेें रहें हैं। जनहित हो या लोगों के समस्याओं को दूर ककरने में सहायता इन सभी में वे जन भावनाओं के अनुरूप फैसला करते हैं। जशपुर के पत्थलगांव में कल रात्रि दुर्गा विसर्जन के जुलूस में गांजा तस्करों के द्वारा गाडी चढ़ाने से एक युवक की मौत और उसके बाद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के बाद उन्होंने व्यवस्था बनाने में दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर कुशल प्रशासक का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने वहां की जनता की मांग पर मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए का मुआवजा भी देने की ऐलान किया। उन्होंने फिर सााबित किया है कि भूपेश हैं, तो भरोसा है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच कराने की घोषणा के साथ ही मामले में संलिप्त लोगों को संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई करने के लिए कहा है। अब पूरे मामले में राजनीति करने वाली भाजपा पार्टी के नेताओं को उन्होंने मृतकों के परिजन को एक करोड़ और घायलों को 25-25 लाख रुपए देने की मांग शुरू कर दी है। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, भाजपा पहले आपस में तय कर ले। उनका हर नेता अलग-अलग मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, भाजपा मुआवजे पर राजनीति न करे।
गांजा तस्करी के चलते हुई घटना
एक दिन पहले ही दशहरा के दिन जशपुर के पत्थलगांव में गांजा तस्करों ने कार से धार्मिक जुलूस में शामिल लोगों को कुचल दिया था। तस्कर ओडिशा से मध्य प्रदेश के सिंगरौली ले जा रहे थे। घटना के बाद लोगों ने कार में आग लगा दी। पुलिस प्रशासन को कहा गया है कि तस्करों को संरक्षण देने वालों की भी खोज करे । राज्य सरकार ने एएसआई के सस्पेंड और टीआई को लाइन अटैच किया है। घटना के बाद हो रही त्वरित कार्रवाई पर भूपेश सरकार पर एक बार फिर भरोसा बढ़ा है।
ग्रामीणों को बनाया सक्षम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य का बागडोर संभालने के बाद ग्रामीण आबादी को काम देने के चैलेंज को स्वीकार किया। सरकार ने अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम के तहत नरवा, गरूआ, घुरवा, बारी के कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए किसानों ओर ग्रामीणों को उनके गोधन के से लाभ दिलाने के लिए गोबर खरीदी की योजना को लागू किया। गांव के गोठानों के लिए गोबर की आवश्यकता के साथ ही पशुपालकों को लाभ दिया। अब यह गोबर उनके लिए बिजली से लेकर अन्य रोजगार के अवसर उपलब्ध करा करा रहा है। किसी भी सरकार ने ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन भूपेश सरकार ने अपनी सोच से यह साबित किया कि जहां चाह है वहां राह अवश्य दिखाई देती है। ग्रामीणों ने अपने मुख्यमंत्री के लिए यही कहा कि भूपेश है तो भरोसा है।
कोरोना काल में मिले राशि का दिया हिसाब
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म करते हुए उन्होंने कोरोना काल में उनका वनोपज सीधे महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कर उन्हें फायदा पहुंचाया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘मुख्यमंत्री सहायता कोष’ का हिसाब जनता के सामने रखा है। कोरोना काल में 24 मार्च से सात मई तक इस कोष में 56 करोड़ चार लाख 38 हजार 815 रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई थी। जिसमें से कोरोना की रोकथाम और जरूरतमदों की सहायता के लिए राज्य के सभी जिलों को 10 करोड़ 25 लाख 30 हजार रुपए की राशि जारी की गई। लेकिन ‘पीएम केयर्स फंडÓ में जमा हुई राशि और उसके खर्च का हिसाब प्रधानमंत्री राहत कोष से अलग एक नया कोष पीएम केयर्स फंडÓ बनाया गया वह अब तक नहीं दिया गया। उन्होंने जनता की एक-एक पाई का हिसाब देकर उनके भरोसे का का सम्मान करजे हुए सामने रखा। जनता ने भी उस समय भी कहा था कि भूपेश हैं, तो भरोसा है।
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