रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ बस्तर संभाग और राजनांदगांव जिले में दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। सरकार से जारी संक्षिप्त प्रेस नोट में बताया गया है कि अजजा के खिलाफ दर्ज केसों और नक्सल प्रकरणों में त्वरित निराकरण की आज समीक्षा की गई।
प्रकरण वापसी हेतु गठित जस्टिस एके पटनायक की अनुशंसा पर 632 प्रकरणों में 752 आदिवासी अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की वापसी की गई। इसी तरह 2019 के पहले नक्सल मामलों में गिरफ्तार स्थानीय आदिवासियों के न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। इसमें 279 प्रकरणों में से 492 अभियुक्तों के प्रकरण त्वरित निराकरण के द्वारा किया गया।
इसी तरह त्वरित निराकरण एवं प्रकरण वापसी के तहत 811 प्रकरणों में कुल 1244 स्थानीय आदिवासी लाभान्व्ति हुए एवं इनके प्रकरण न्यायालय से समाप्त हुए। मुख्यमंत्री ने शेष मामलों का त्वरित निराकरण के तहत उन्हें निराकृत करने के निर्देश दिए।
बैठक में चीफ सिकरेट्री अमिताभ जैन, एसीएस होम सुब्रत साहू, डीजीपी अशोक जुनेजा, एडीजी होमगार्ड अरुणदेव गौतम और खुफिया चीफ डॉ0 आनंद छाबड़ा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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