हाल ही में ऐसी ही एक फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है जो नकली मसाले बनाकर ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही थी. दरअसल यह फैक्ट्री मध्य प्रदेश के हाथरस जिले में स्थित थी. लेकिन इसमें लोगों को झटका देने वाली बात तो यह है कि इन मसालों को तैयार करने के लिए इनमें गधे की लीद, एसिड और ऐसे रंगों का प्रयोग किया जाता था जो खाने के लिए नहीं बने. यह फैक्ट्री इन नकली मसालों को तैयार कर विभिन्न कंपनियों के रैपर में डालकर बाजार में बेचने के लिए सप्लाई कर देती थी.


बता दे गधे की लीद और एसिड से नकली मसाले तैयार करने वाली इस फैक्टरी का खुलासा हाथरस की पुलिस ने किया है. बता दे हाथरस के नवीनपुर में चल रही नकली मसाले बनाने की इस फैक्ट्री पर एफडीए की टीम ने छापामारी की थी. छापामारी से यहां पर भारी मात्रा में नकली किचन मसाले तैयार करने का सामान भी बरामद किया गया. बता दे मिलावटी मसाले बनाने वाली इस फैक्ट्री के मालिक सह मंडल प्रभारी अनूप वार्ष्णेय थे जो कि इस छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में मौजूद थे. मिलावटी मसाले बनाने का सामान मिलने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मौजूदगी इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया.


फैक्ट्री का संचालन करने वाले को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में ले लिया गया. फैक्ट्री में मौजूद सामान में से 27 से अधिक सैंपल लेकर उन्हें टेस्ट के लिए लैब भेजा गया. अब पुलिस लैब की रिपोर्ट आने का वेट कर रही है. बता दे लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद सुरक्षा अधिनियम के तहत एफ आई आर दर्ज की जाएगी. ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा कहां की सथानिय ब्रांडों के नाम पर 300 किलोग्राम से अधिक मिलावटी मसालों को जब्त किया गया है. उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि छापेमारी के दौरान उन्होंने भारी मात्रा में नकली मसाले तैयार करने की सामग्री को बरामद किया है. इस सामग्री में गधे की लीड, भूसा, और एसिड के ड्रम शामिल है.


वही इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली मसाले जैसे कि धनिया, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला भी बरामद हुआ है. खाद विभाग के अनुसार यह मिलावटी मसाला लोगों की सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता था. खासकर अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक इस मसाले का प्रयोग करें तो उसको स्वास्थ्य गंभीर रूप से खराब हो सकता था. अधिकारियों के मुताबिक इस छापेमारी के दौरान वहां से अलग-अलग मसाले ब्रांड के 3000 खाली पैकेट और 100 भरे हुए पैकेट बरामद हुए हैं. जब इस फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय से विभिन्न ब्रांडों के लाइसेंस संबंधी कागज मांगे गए तो वह कोई भी कागजात मौके पर प्रस्तुत नहीं कर पाए.


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