दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके ने पूरे देश को दहशत में डाल दिया था। इस हमले में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। निरंतर अभियान के बाद अब एजेंसी ने फरीदाबाद से शोएब नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जो इस आतंकी मॉड्यूल का सातवां सदस्य बताया जा रहा है।

शोएब पर आरोप है कि उसने धमाके से पहले आतंकी डॉ. उमर नबी को नूंह और मेवात इलाके में सुरक्षित ठिकाना दिलाया। यहां तक कि उसने उमर को अपनी बहन के घर ठहराकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचाने में मदद की। यही नहीं, शोएब ने कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और व्यवस्था भी मुहैया कराई।

गिरफ्तारी तब संभव हुई जब पहले से पकड़े गए आरोपी डॉ. मुज्जमिल ने पूछताछ में शोएब का नाम उजागर किया। उसकी निशानदेही पर NIA की टीम ने शोएब के घर से ग्राइंडर और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है, जिनके आतंकियों द्वारा बम बनाने में उपयोग किए जाने की आशंका है। फिलहाल एजेंसी बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच में जुटी है।

इस केस में NIA अब तक उमर के छह साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है और शोएब की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिली है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश में है कि
🔹 इस मॉड्यूल की फंडिंग कहां से होती थी
🔹 नेटवर्क में अभी कितने और लोग सक्रिय हैं
🔹 और क्या विदेशी संगठनों से कोई कनेक्शन जुड़ा हुआ है

देश की शीर्ष जांच एजेंसी इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।