रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी शिव अनंत तायल अब जम्मू-कश्मीर सरकार को अपनी सेवा देंगे। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सहमति के बाद राज्य सरकार ने उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। अब उनके विभागों की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को दी गई है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा 2012 बैच के अधिकारी शिव अनंत तायल अभी कृषि विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास छत्तीसगढ़ कृषि मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक की भी जिम्मेदारी थी। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने सितंबर महीने में उनको इंटर कैडर डेप्युटेशन पर जम्मू-कश्मीर भेजे जाने की अधिसूचना जारी की थी। अब राज्य सरकार ने उनकी सेवा जम्मू-कश्मीर सरकार को सौंप कर कार्यमुक्त कर दिया है। तायल अब श्रीनगर जाकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनको कार्यमुक्त किए जाने के बाद तीन आईएएस अधिकारियों को उनके विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 2006 बैच के आईएएस भुवनेश यादव को मंडी बोर्ड का प्रबंध संचालक बनाया गया है। यादव अभी उच्च शिक्षा विभाग में विशेष सचिव हैं। उनके पास राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक की भी जिम्मेदारी है।
भुवनेश अवकाश पर, तब तक दूसरों को जिम्मेदारी
भुवनेश यादव खुद अवकाश पर हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी जूनियर अफसरों को दी गई है। 2016 बैच की चंदन त्रिपाठी अब मंडी बोर्ड की रूष्ठ का प्रभार संभालेंगी। त्रिपाठी अभी पशु चिकित्सा विभाग की संचालक हैं। 2016 बैच की ही तुलिका प्रजापति कुछ दिनों तक बीज एवं कृषि विकास निगम की रूष्ठ होंगी। प्रजापति अभी कृषि विभाग में उप सचिव हैं।
2018 में जम्मू-कश्मीर भेजे गए थे सुब्रमण्यम
छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम 2018 में जम्मू-कश्मीर भेजे गए थे। वहां उन्हें मुख्य सचिव बनाया गया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 1987 बैच के सुब्रमण्यम अभी केंद्र सरकार में वाणिज्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

चौबे ने कहा- रमन सिंह पिछली पीढ़ी के राजनीतिज्ञ, अब उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए
रमन के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
रायपुर। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी है। यह सलाह कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे की ओर से आई है। कृषि मंत्री चौबे ने कहा, डॉ. रमन सिंह बीती हुई पीढ़ी के राजनीतिक व्यक्ति हैं। अब पीढ़ी बदल रही है। ऐसे में उन्हें संन्यास की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
रविंद्र चौबे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था, भूपेश बघेल जब एबीसीडी पढ़ रहे थे, तब मैं केंद्रीय मंत्री था। वे अभी कुर्सी बचाने पर ध्यान दें। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, डॉ. रमन सिंह का पूरा सम्मान है। उनके बयान का आशय केवल यह है कि वे बीती हुई पीढ़ी के राजनीतिक व्यक्ति हैं। अब डॉ. रमन सिंह की पीढ़ी का समय समाप्त हो गया है।
चौबे ने कहा भाजपा में भी जिस तरह से बदलाव की प्रक्रिया प्रारंभ है। उनकी राष्ट्रीय महासचिव पुरंदेश्वरी और शिव प्रसाद आते हैं। स्टेटमेंट देते हैं चुनाव में उनके पास मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं है। अब रमन सिंह को यह आभास हो जाना चाहिए कि पीढ़ी का बदलाव है। अब उन्हें संन्यास की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए। शायद उनका यही कहना है।
सुशील ने भी रमन सिंह को अप्रासंगिक बताया
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, रमन सिंह जब विधानसभा चुनाव हारकर कवर्धा में राजनीतिक वनवास काट रहे थे, तब भूपेश बघेल मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री थे। सवाल रमन सिंह के आयु में अधिक होने अथवा राजनीति में पहले आने का नहीं है। सवाल भाजपा में रमन सिंह की अप्रासंगिकता का है। भाजपा रमन सिंह से छुटकारा पाने में लगी है।