प्रदेश में सहकारी समितियां लगातार मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह बात राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में कही। कार्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ।
मुख्य बातें
- 1352 नई सहकारी समितियों का गठन हुआ।
- 162 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी हुई।
- 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा लाभ।
- किसानों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया।
- महिला समूहों को लाभांश वितरित किया गया।
- उत्कृष्ट समितियों को सम्मानित किया गया।
सहकारी समितियां से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इससे खेती और ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण मिला। इससे खेती की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं।
सहकारी समितियां से बढ़ेगी आय
सहकारी समितियां अब केवल कृषि तक सीमित नहीं हैं।
सरकार पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दे रही है।
वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
डिजिटल सेवाओं को भी मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग का नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया। इससे किसानों का पंजीयन आसान होगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहेगी।
सम्मेलन में पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम भी दिए गए। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के नए उत्पादों का भी लोकार्पण हुआ।
हितग्राहियों को मिला कई योजनाओं का लाभ
सहकारी समितियां मजबूत करने के साथ कई हितग्राहियों को सामग्री वितरित की गई। महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश मिला। तेंदूपत्ता संग्राहकों को सम्मानित किया गया।
विभिन्न सहकारी संस्थाओं ने अपने उत्पाद भी प्रदर्शित किए।
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