नवा खाई के अवसर पर अपने पैतृक गांव कुरूदडीह पहुंचे मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पुराने मित्रों से सहजता और सरलता से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री ने मौके पर बच्चों से और बुजुर्गों से भी बातचीत की। पिछली दफा जब मुख्यमंत्री आए थे तब एक बुजुर्ग ने कहा था कि उन्होंने हेलीकॉप्टर नहीं देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दफा वह हेलीकॉप्टर में आए हैं बच्चों के लिए और बुजुर्गों के लिए हेलीकॉप्टर का विशेष कौतूहल होता है। आज आप नवाखाई मनाइए और हेलीकॉप्टर भी देख लीजिए।
उन्होंने अपने पुराने मित्र नारायण को हेलीकॉप्टर की सैर कराते हुए रायपुर तक लेकर आए। बड़े सरल और सहज स्वभाव के धनी मुख्यमंत्री हर दशहरे के अवसर पर नवा खाई में अपने पैतृक घर मे पूजा करते हैं। इस साल भी वे नया खाई एवं नया पानी के अवसर पर अपने गांव कुरूदडीह में पूजा करने पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणो से बातचीत की। ग्रामीणों ने भी कहा कि हम भी उत्सुकता से इस दिन का इंतजार करते हैं। इस मौके पर अपने गांव के पुराने दोस्तों से भी उन्होंने बातें की। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को भी साझा किया।
अपने दोस्त नारायण से पूछा कि चश्मा कब लग गया- अपने दोस्त नारायण को देखकर उन्होंने पूछा- तुम्हें चश्मा कब लग गया। गांव की बुजुर्ग महिलाओं से भी उन्होंने चर्चा की।


आप हमारे तारनहारउन्होंने कहा की मैं आप सबकी दुख तकलीफ में हमेशा साथ खड़ा हूं। गांव की सेवा के लिए हमेशा आपके साथ खड़ा हूं। गांव की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ी में मुख्यमंत्री को कहा कि तय नहीं हरबे हमर दुख ला तो कौन हरहि, आपसे ही उम्मीद है अच्छा करत हव, अच्छा होही।


दोस्त की इच्छा पूरी की
अपने बचपन के दोस्त नारायण निषाद से भी मिले पिछली बार चर्चा के दौरान नारायण ने मुख्यमंत्री से यूं ही कह दिया था कि कभी जब हेलीकॉप्टर में आप गांव में आए तो मुझे भी दिखाएं। मुख्यमंत्री ने आज कहा की आज मैं हेलीकॉप्टर से आया हूं मेरे साथ रायपुर चलो।