किसी भी इंसान के लिए सफलता वो मुकाम होता है। जिसे पाने के लिए उसने काफी मेहनत की होती है। सफल इंसानों में एक बात देखने को
मिलती है। और वो है उनकी सादगी।अक्सर देखा जाता है कि जो इंसान जितना सफल होता है वो उतना ही सादा रहना पसंद करता है। क्योंकि
उसे अपने संघर्ष का दौर याद होता है। वहीं दूसरी तरफ आसानी से सफल होने वाले इंसानों में अक्कड़पन और घमंड का भाव भी देखने को मिल जाता है। क्योंकि पास में पैसा और शोहरत आते ही कई इंसान अपनी बीती जिंदगी भूलकर सिर्फ आगे के बारे में सोचना शुरु कर देते हैं। इन्हींसब बातों को ध्यान में रखकर एक कलेक्टर ने अपनी सादगी से भरी तस्वीर सोशल मीडिया में पोस्ट की। इस तस्वीर के पोस्ट होने के बादयूजर्स ने इसे सोशल मीडिया में खूब वायरल किया।

इस तस्वीर को आईएएस अधिकारी रमेश घोलप ने ही सोशल मीडिया पर शेयर किया। तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा कि, “तजुर्बा है
मेरा मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है। संगमरमर पर तो हमने पांव फिसलते देखे हैं।” यानी कि यदि आप संगमरमर की जमीन पर तेजी से चलने
की कोशिश करेंगे तो यकीनन आपका पांव कहीं ना कहीं फिसल सकता है। लेकिन मिट्टी में दौड़ने वाला इंसान आसानी से अपना सफर पूरा करता है बिना गिरे बिना डगमगाए।

अब इस पोस्ट पर लोगों के जमकर कमेंट्स आने लगे। एक यूजर ने लिखा कि, ‘यह दृश्य देखकर खुशी मिली’ तो वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि,
‘आपकी सोच को दिल से प्रणाम।’ वहीं एक ने कहा कि ‘ऐसी सादगी अब कम ही देखने को मिलती है।’ इसके अलावा भी कई लोगों ने कमेंट कर
रमेश घोलप की तारीफ की । जो भी रमेश घोलप की इस तस्वीर को देख रहा है बिना कमेंट के नहीं रुक रहा। सभी एक अधिकारी की सादगी के
फैन हो गए हैं।

कौन हैं रमेश घोलप ?
रमेश घोलप महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के वारसी तहसील के महागांव के रहने वाले हैं। रमेश काफी गरीब फैमिली से थे। रमेश के पिता एक
साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। उनकी आर्थिक स्थिति काफी बुरी थी कि बावजूद इसके उन्होंने अपने परिवार को संभाला और अपनी
पढ़ाई पूरी की। रमेश घोलप ने साल 2010 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी लेकिन असफल रहे। इसके बाद साल 2011 में उन्होंने एक बार फिर
कोशिश की और इस बार उनका सपना पूरा हो गया। 2011 में ऑल इंडिया 287 रैंक के साथ घोलप ने UPSC की परीक्षा पास की और IAS
अधिकारी बने।