अपना 60वां जन्मदिन मना रहे भूपेश बघेल की सख्त सख्सियत के कायल समर्थकों से ज्यादा उनके विरोधी हैं। कठिन संघर्ष के बाद मिली जीत को दोगुने जोश के साथ पिछले तीन सालों से जनता की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रख कर VIP कल्चर से दूर उनके साथ मिल कर मना रहे हैं। फिर चाहे कोई त्यौहार हो या किसी की उपलब्धि CM भूपेश हर किसी को आगे बढ़ने उनके साथ खड़े दिखते हैं।
मुख्यमंत्री के तौर पर भूपेश बघेल का ठेंठ अंदाज, उनका देसी संवाद, उनके माटी से जुड़े होने का माद्दा एक अलग ही कहानी कहता है। सत्ता की रपटीली राह की बिसात पर उनकी राजनीती में दमदार मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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