राज्य में स्थिर सरकार होने के बावजूद बार-बार ये बागी तेवर सामने क्यों आ रहे हैं? आखिर बाबा के बार-बार दिल्ली जाने का कारण क्या है? क्यों वो स्थिर सरकार को अस्थिर करना चाह रहे हैं? बृहस्पत सिंह मामले में भी देख चुके हैं कि टीएस सिंहदेव ने किस तरह सदन से वॉकआउट कर दिया था… फिर दिल्ली में कुछ समर्थकों से खुद के ही नारे लगवाना… आखिर ये सब करके बाबा जताना क्या चाहते हैं? क्या ये वाकई सत्ता की भूख है… या फिर कहीं बाबा भी तथाकथित ‘टीम बी’ का काम कर रहे हैं?