वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज हुई भारत की आर्थिक वृद्धि ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश की स्थिति को और मजबूत किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की मजबूत नीतियों और दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कई देश आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं, भारत लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
सुधारों की नीति से मिली विकास को रफ्तार
रक्षा मंत्री के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि के पीछे पिछले एक दशक में किए गए व्यापक सुधारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की सोच ने देश की अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनाया है।
सरकार की नीतियों ने निवेश, उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में निरंतर विस्तार देखने को मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को बताया अहम
राजनाथ सिंह ने भारत की आर्थिक वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने देश को नई दिशा दी है।
उनके अनुसार, वैश्विक संकटों के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी और विकास की गति को बरकरार रखा, जो किसी भी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है।
चौथी तिमाही के आंकड़ों ने बढ़ाया उत्साह
आर्थिक आंकड़ों में चौथी तिमाही के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि और तेज दिखाई दी। इससे यह संकेत मिलता है कि देश की उत्पादन क्षमता और बाजार गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता मांग, बुनियादी ढांचा निवेश और तकनीकी नवाचार आने वाले वर्षों में भी विकास दर को समर्थन दे सकते हैं।
अमित शाह ने भी जताया संतोष
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों और दूरदर्शी नीतियों के कारण भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उनके अनुसार, महामारी और अन्य वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने जिस मजबूती का परिचय दिया है, वह देश की आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ता देश
सरकार का मानना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, निवेश और नए अवसरों के सृजन से भी जुड़ी हुई है। आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
यही वजह है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यह भी पढ़ें: CGPSC जांच में बड़ा खुलासा: 8 लाख नकद, दस्तावेजों ने बढ़ाई मुश्किलें
Monsoon Updates: केरल से बढ़ा मानसून, कई राज्यों में अलर्ट
CM Sai की बड़ी तैयारी: खाद भंडारण और वितरण व्यवस्था हुई मजबूत
