- 4 हजार से ज्यादा मार्ग बनेंगे, 472 मार्ग पूरे, 1572 कार्य प्रगति पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहले किसी गांव में सरकारी अस्पताल, उचित मूल्य की दुकान, धान उपार्जन केंद्र या किसी और सार्वजनिक स्थल, सरकारी भवन की ओर अपने काम से जाने वालों को अक्सर ही परेशानी का सामना करना पड़ता था। सड़कों का जाल नहीं होने से मुख्य सड़कों से लेकर सरकारी भवन या सार्वजनिक जगहों तक गर्मी के दिनों में जहां धूल से परेशानी उठानी पड़ती थी, वहीं बारिश के दिनों में कच्ची सड़क पर बहने वाले बारिश के गंदे पानी, कीचड़ सहित गड्ढ़ों में पैदल चलने पर चप्पलों से लेकर पांव और साइकिलों से लेकर मोटर साइकिलों, गाड़ियों तक के पहिये फंस जाते थे। लेकिन भूपेश सरकार के 36 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में सड़कों का जाल फैलाने का काम किया गया है।
मुख्य मार्ग से सरकारी भवन या सार्वजनिक स्थल तक बारहमासी पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा अक्सर लोगों को भुगतना पड़ता था। गांव-गांव में प्रमुख सड़कों से सार्वजनिक स्थल तक की छोटी-छोटी दूरी की ये बड़ी समस्या अब दूर होने लगी है। लोगों को ही रही ये परेशानी जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में आई तब उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना की शुरूआत की है। इस योजना से अब सार्वजनिक स्थल, सरकारी भवन, स्कूल सहित महत्वपूर्ण जगहों पर आने-जाने वालों के न पांव फंसते हैं और न ही उनकी साइकिल और न ही मोटरसाइकिलों के पहिये फंसते हैं।
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सड़क से सहुलियत
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू की पहल से अब प्रदेश के कई सार्वजनिक उपयोग के भवन, शासकीय चिकित्सालय, स्कूल, कॉलेज, पंचायत सार्वजनिक भवन, उचित मूल्य की दुकान, आंगनबाड़ी भवन और अन्य शासकीय शैक्षणिक संस्थानों के भवन, सार्वजनिक स्थल, हाट-बाजार, श्मशान घाट, मेला स्थल, धान संग्रहण केन्द्र जैसे अनेक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोग के केन्द्र मुख्य मार्ग से जुड़ने लगे हैं। पहले ऐसे जगहों तक बारहमासी पक्की मार्ग नहीं होने के कारण आने-जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना से बनी पक्की सड़क से आने-जाने में बहुत सहूलियत होने लगी है। बोरियाखुर्द में मुक्ति स्थल श्मशान घट तक भी आने जाने का कोई पक्का मार्ग नहीं था। जिसके बनने से अब लोगों को सुविधा होने लगी है।
लोगों की सुविधा की दिशा में काम कर रही सरकार- ताम्रध्वज साहू
लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है कि मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना का उद्देश्य सभी महत्वपूर्ण सार्वजनिक शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों को बारहमासी पहुंच मार्ग से जोड़कर लोक कल्याण और जनसुविधा के लिए सुगम बनाया जाना है। सीएम बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बारहमासी सड़क नहीं होने का खामियाजा लोगों को उठाना पड़ता है। छत्तीसगढ़ सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना इसकी एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
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486 करोड़ से ज्यादा की लागत
राज्य में मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत कुल 4079 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। जिसकी कुल लंबाई 689 किलोमीटर और लागत राशि 486.69 करोड़ रुपये है। प्रदेश में इसके अंतर्गत 472 काम पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 1577 कार्य प्रगति पर और 2030 कार्य निविदा स्तर पर हैं।
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