खैरागढ़। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर पार्टियों के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने भी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य शासन की ओर से मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में एडीशनल सीईओ के पद पर आईएएस शिखा राजपूत तिवारी की नियुक्ति को इस तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय ने भी सीट खाली होने की सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी है। अब नियम के मुताबिक 6 महीने के अंदर खैरागढ़ विधानसभा में उपचुनाव कराना होगा।
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से चुनाव होगा। सीट खाली होने की सूचना विधानसभा सचिवालय ने निर्वाचन आयोग को भेज दी है। जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन आफ इंडिया के इंजीनियर्स ने 850 ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग कर उन्हें डीआरओ की सुरक्षा में सील बंद कर दिया है। इनमें वीवीपैट, बैलेट यूनिट मशिन भी शामिल है। ये ईवीएम नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से बंद थे।
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तीनों पार्टियों की नजर एक सीट पर
बता दें कि निर्वाचन आयोग यूपी विधानसभा चुनाव के साथ ही खैरागढ़ में उप चुनाव कराने की तैयारी में है। इस सीट पर भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस के साथ ही जोगी कांग्रेस की भी नजर है। भाजपा और कांग्रेस तो इस सीट को अपने पाले में करने के लिए ताकत लगाएगी ही, लेकिन जोगी कांग्रेस हर हाल में यहां अपना वर्चस्व बरकरार रखने की कोशिश में है।
200 कार्यकर्ता ले चुकें है कांग्रेस की सदस्यता
इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस के साथ प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सक्रिय हो गई। कुछ दिनों पहले ही जोगी कांग्रेस के करीब 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई थी। अब जोगी कांग्रेस यहां अपनी सीट बचाने के लिए सक्रिय हो गई है।
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मार्च में मिल जाएगा नया विधायक
खैरागढ़ विधानसभा के लिए 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना होगा। इसके इसके मुताबिक 4 मार्च से पहले यहां नया विधायक चुना जाना है। खैरागढ़ विधानसभा उप चुनाव नए वोटर लिस्ट से होगा। 31 जनवरी को नई मतदाता सूची का प्रकाशन हो जाएगा। नए मतदाता और छूटे हुए मतदाताओं के लिए जिले में नाम जुड़वाने का ये आखिरी मौका है। इसके बाद जो अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची होगी उसके मुताबिक ही चुनाव होंगे। इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस के नेता नई मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और कटवाने की जोड़ तोड़ में लग गए हैं। 2018 में हुए चुनाव के दौरान इस सीट में 1 लाख 80 हजार 440 मतदाता थे।
बता दें कि खैरागढ़ से विधायक देवव्रत सिंह का 4 नवंबर 2021 को निधन हो गया था। हार्ट अटैक से उनका देहांत हुआ था। जिसके बाद से ये सीट खाली है।
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