नई दिल्ली: तेलंगाना में एक समलैंगिक कपल दिसंबर में ही शादी के बंधन में बंधे थे। इस कपल का नाम अभय डांगे (34) जो की दिल्ली के और सुप्रियो चक्रवर्ती (31) पश्चिम बंगाल के थे, जिन्होंने पूरी रीति-रिवाज के साथ शादी की। इनकी शादी में भी हर रस्म निभाई गयी एक नॉर्मल शादी कि तरह।अभय मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं और सुप्रियो होटल मैनेजमेंट कंपनी में सीनियर पोस्ट पर हैं। इन दोनों की लव स्टोरी दिसंबर में शादी के बाद ही में सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि कैसे दोनों का प्यार परवान चढ़ा।

तो चलिए जानते हैं दोनों की लव स्टोरी
इनकी कहानी सुप्रियों कि जुबानी, सुप्रियों का कहना है कि उनकी अभय के साथ पहली डेट 7 घंटे से अधिक चली थी। पहली डेट कॉफी पीने से शुरू होकर अभय के बाल कटवाने के लिए सैलून जाने तक चली थी। पहली डेट काफी अच्छी रही थी और इसके बाद हम मिलते रहे। मैं अभय की तरफ अट्रैक्ट होता जा रहा था।अभय काफी शांत हैं, जब कि मैं मुंहफट इंसान हूं। लेकिन इसके बावजूद भी हम दोनों पारिवारिक हैं। पहले अभय ने अपनी फैमिली को हमारे रिलेशन के बारे में बताया, जिसे उनकी फैमिली ने एक्सेप्ट किया था।

दोनों पैरेन्ट्स का मिला साथ
हम दोनों की लव स्टोरी आगे बढ़ती गयी लेकिन मेरे घर वालों को मेरे गे होने के बारे में नहीं पता था, अभय से जब मुझे प्यार हुआ तो मैंने अपनी मां को हैदराबाद बुलाया और उन्हें बैठाकर अपने बारे में बताया मैं ने कहा ‘मैं समलैंगिक हूं और अभय मेरा पार्टनर है.’ इसके बाद मां कुछ पल तो कुछ नहीं बोली उसके बाद उन्होंने बोला ‘तुम मेरे बेटे हो और मैं तुमसे प्यार करती हूं.’ इतना कहने के बाद उन्होंने मुझे गले से लगा लिया। मां के ये शब्द सुनने के बाद मुझे शांति मिली और इसके बाद मैंने पापा और बहन को भी ये बात बताई।उन्होंने बोला ”अगर तुम खुश हो, तो हम खुश हैं, हमारे लिए बस यही मायने रखता है की तुम खुश रहो ‘

उसके बाद जैसे-जैसे हमारा रिलेशन बढ़ता गया मैं और अभय अपनी एनिवर्सरी मनाते गए और मैं तो अभय को अपना पति बोलने का सपना सजोने लगा, लेकिन हमें पता था कि ऐसे में कानून हमारा साथ नहीं देगा। क्योंकि 2018 में समलैंगिक यौन संबंध को अपराध घोषित करने वाले कानून को तो रद्द कर दिया गया था, लेकिन देश में समलैंगिक विवाह को अभी तक मान्यता नहीं मिली थी।अप्रैल में हम दोनों ही कोविड पॉजिटिव निकले। अभय में कोविड के कोई लक्षण नहीं थे लेकिन मुझे तेज बुखार था। उस समय अभय ने मेरी देखभाल की थी और उस समय मैंने अभय से बोल दिया कि ‘मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं.’

उसके बाद अभय ने कहा कि करना तो मैं भी चाहता हूं, लेकिन ये होगा कैसे ? फिर मैंने अभय को विश्वास दिलाया कि ‘कानूनी कागजात कोई मायने नहीं रखते, हमारे पास हमारा परिवार और उनका साथ है, चलो शादी करते हैं, तो बस अभय ने भी हां कह दिया और हमारा परिवार हमारे साथ था और अब हम साथ में बहुत खुश हैं। इसके बाद हम दोनों ने दिसंबर में शादी कर ली हमारी शादी पूरी रीति रिवाज के साथ सम्पन्य हुयी। और हमनें पूरी जिंदगी एक दूसरे का साथ देने कि कसमें खाई। शादी के बाद हमारे परिवार वाले और मेहमानों ने आशीर्वाद दिया और वो पल हमारे लिए काफी खास था। हमने कभी नहीं सोचा था की हमारी शादी हो पायेगी।