छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार किए जाने की बड़ी खबर सामने आई है। मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा है, जहां एक भृत्य के लंबित वेतन भुगतान के एवज में घूस की मांग की गई।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हालाहुली में पदस्थ भृत्य कुशूराम केंवट का अक्टूबर 2014 से अप्रैल 2017 तक का वेतन लगभग 2 लाख रुपए लंबित था। वेतन भुगतान में देरी से परेशान होकर उसने हाईकोर्ट का रुख किया।
कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि कुशूराम को कलेक्टर दर पर लंबित वेतन जारी किया जाए। लेकिन इसके बावजूद कुशूराम को विभाग के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे थे। विभाग में पदस्थ बाबू एमएफ फारूकी ने वेतन भुगतान के बदले 20 हजार रुपए रिश्वत मांगी।
कुशूराम ने मजबूरी में कुछ राशि पहले ही दे दी थी, लेकिन जब शेष रकम मांगी गई तो उसने एसीबी में शिकायत की। बिलासपुर एसीबी की टीम ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और योजना बनाकर सोमवार को कार्रवाई की।
दोपहर करीब 12 बजे कुशूराम 10 हजार रुपए लेकर विभाग पहुंचा और जैसे ही उसने पैसे दिए, एसीबी टीम ने बाबू को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह पूरा घटनाक्रम प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया था।
करीब 2.30 बजे तक एसीबी की टीम विभाग में कार्रवाई करती रही और फिर आरोपी बाबू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। इससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए इस प्रकार की कार्रवाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह घटना स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।हा है।
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