देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 30,640 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी देते हुए विमानन, इमिग्रेशन और पर्यावरण से जुड़े अहम सुधारों का रास्ता साफ कर दिया है।

छोटे शहरों को मिलेगी बड़ी उड़ान

सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ‘मॉडिफाइड उड़ान योजना’ पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।

इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इमिग्रेशन सिस्टम होगा पूरी तरह डिजिटल

सरकार ने ‘इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग’ (IVFRT 3.0) योजना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 1,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

यह योजना अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी और इससे वीजा व इमिग्रेशन सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगी।

जलवायु प्रतिबद्धता पर भी बड़ा कदम

कैबिनेट ने पेरिस समझौता के तहत भारत के NDC (नेशनल्ली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन) को भी मंजूरी दी है।

इस निर्णय से भारत की ग्रीन एनर्जी और सतत विकास की दिशा में प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

इन फैसलों का सीधा फायदा आम नागरिकों को मिलेगा। छोटे शहरों में हवाई यात्रा सुलभ होगी, इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होगी और देश की सुरक्षा भी मजबूत होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत को आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों मोर्चों पर नई गति देगा।