छत्तीसगढ़ में चल रही जिला स्तरीय वार्षिक परीक्षाओं के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कबीरधाम, धमतरी और दुर्ग जिलों में कुछ विषयों के प्रश्न पत्र पूरी तरह समान पाए जाने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
30 मार्च से शुरू हुई परीक्षाओं में कक्षा चौथी हिंदी, छठवीं गणित और सातवीं हिंदी के प्रश्न पत्र तीनों जिलों में हूबहू एक जैसे मिले हैं। इन पेपरों में निर्देश, प्रश्न क्रमांक और पूरा सेट तक समान होने से परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन का कहना है कि हर जिले में अलग-अलग प्रश्न पत्र निर्माण समितियां गठित की जाती हैं, ऐसे में तीन जिलों में एक जैसे पेपर मिलना नियमों का सीधा उल्लंघन है।
संघ के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक जिले को अलग-अलग समितियों के माध्यम से प्रश्न पत्र तैयार करने और उनका संशोधन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को इन्हें मुद्रित कराने का निर्देश था।
इसके बावजूद तीन जिलों में एक जैसे प्रश्न पत्र मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ जिलों ने स्वयं प्रश्न पत्र तैयार करने के बजाय अन्य जिले के प्रश्न पत्र का उपयोग किया।
फिलहाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और शिक्षकों में भी इसको लेकर चिंता देखी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
