महासमुंद जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन निश्चय’ के अंतर्गत व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस अभियान में सीमित समयावधि में बहुस्तरीय छापेमारी करते हुए पुलिस ने संगठित तस्करी नेटवर्क को लक्षित किया।

कार्रवाई का दायरा और परिणाम
पुलिस ने चार थाना क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाकर कुल 686 किलोग्राम गांजा तथा 700 नशीली टैबलेट जब्त की। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी कब्जे में लिया गया, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 4.61 करोड़ रुपये से अधिक है।

तस्करी के तौर-तरीके
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परिवहन के लिए विभिन्न वैकल्पिक माध्यम अपनाए, जिनमें व्यावसायिक ट्रक, निजी वाहन, ट्रेन और अन्य साधन शामिल थे। माल को छिपाने के लिए ड्राई फ्रूट्स जैसे वैध सामान का सहारा लिया गया था।

गिरफ्तारियां और नेटवर्क
इस अभियान के तहत पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों का संबंध छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा से पाया गया है, जिससे इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्वरूप की पुष्टि होती है।

संस्थागत सहयोग
कार्रवाई के दौरान बिलासपुर पुलिस एवं रायपुर क्राइम ब्रांच द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया, जिससे सूचना संकलन और ऑपरेशन के निष्पादन में गति आई।

दीर्घकालिक रणनीति
पुलिस विभाग के अनुसार, नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल परिवहन स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि स्रोत से लेकर वितरण तंत्र तक संपूर्ण नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन महीनों में भी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की जब्ती और गिरफ्तारी इस रणनीति की निरंतरता को दर्शाती है।