भारत की सांस्कृतिक विरासत को बड़ी राहत देते हुए अमेरिका ने 657 प्राचीन वस्तुएं भारत को वापस सौंप दी हैं। इनमें सबसे खास छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से चोरी हुई ‘अवलोकितेश्वर’ की बहुमूल्य कांस्य प्रतिमा है, जिसकी कीमत करीब 20 लाख डॉलर आंकी गई है। यह प्रतिमा वर्षों पहले तस्करी के जरिए विदेश पहुंच गई थी और अब लंबे इंतजार के बाद देश लौट आई है।
यह ऐतिहासिक प्रतिमा मूल रूप से महासमुंद जिले के Lakshman Temple Sirpur क्षेत्र से प्राप्त हुई थी और बाद में Mahant Ghasidas Memorial Museum में सुरक्षित रखी गई थी। लेकिन 1980 के दशक में इसे संग्रहालय से चोरी कर अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए अमेरिका पहुंचा दिया गया। वर्षों बाद 2014 में इसे न्यूयॉर्क के एक निजी संग्रह में पहचाना गया और 2025 में जब्त कर लिया गया।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व Manhattan District Attorney’s Office ने किया। जिला अटॉर्नी Alvin Bragg ने बताया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कला तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। जांच में कुख्यात तस्कर Subhash Kapoor और उससे जुड़े गिरोहों की भूमिका भी सामने आई है, जो वर्षों से भारतीय धरोहरों की अवैध तस्करी में लिप्त रहे हैं।
अमेरिका द्वारा लौटाई गई वस्तुओं में केवल अवलोकितेश्वर प्रतिमा ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश से चोरी की गई गणेश प्रतिमा और 75 लाख डॉलर मूल्य की बुद्ध प्रतिमा भी शामिल हैं। इन सभी को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आधिकारिक रूप से भारत को सौंपा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वापसी न केवल भारत की खोई हुई सांस्कृतिक धरोहर को वापस लाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अवैध कला तस्करी के खिलाफ कड़े संदेश का भी प्रतीक है। आने वाले समय में ऐसी और भी धरोहरों की वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।
