जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन अब महिला फिदायीन दस्तों को तैयार करने में तेजी ला रहे हैं। इस रणनीति के तहत महिलाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा की महिला इकाइयां अहम भूमिका निभा रही हैं। खासतौर पर जैश की महिला विंग ‘जमात-उल-मोमिनात’ को इन दस्तों के गठन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में एक लंबा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और उन्हें आत्मघाती मिशन के लिए तैयार करने से जुड़ी अहम जानकारी दी गई।

खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस दौरान महिलाओं को जम्मू-कश्मीर के भौगोलिक नक्शे, स्थानीय संरचना और जनसंख्या से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि भविष्य में किसी भी मिशन को सटीक तरीके से अंजाम दिया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की सैन्य संस्थाओं का भी समर्थन हो सकता है। यही वजह है कि इन गतिविधियों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

आने वाले समय में इन महिला दस्तों के लिए उन्नत स्तर की ट्रेनिंग भी प्रस्तावित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले चरण में लाहौर में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा सकते हैं, जहां इन्हें और अधिक तकनीकी और सामरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इससे पहले भी पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में ऐसे कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें कई महिलाओं ने भाग लिया था। इन गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर इनपुट पर बारीकी से नजर रख रही हैं।