छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। Bemetara Transfer के तहत डीआईजी रामकृष्ण साहू ने 140 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। दरअसल विभाग का उद्देश्य मैदानी स्तर पर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना है।
इसके अलावा लंबे समय से रक्षित केंद्र में पदस्थ कर्मचारियों को अब फील्ड ड्यूटी में भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर कुछ कर्मचारियों को थाना और चौकी से हटाकर रक्षित केंद्र अटैच किया गया है।
106 आरक्षक समेत कई पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला
जारी आदेश के अनुसार Bemetara Transfer में 106 आरक्षक, 28 प्रधान आरक्षक और 6 सहायक उप निरीक्षकों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हें थाना, चौकी, यातायात शाखा और रक्षित केंद्र के बीच स्थानांतरित किया गया है।
साथ ही विभाग का मानना है कि इस बदलाव से कार्यप्रणाली में कसावट आएगी और पुलिसिंग ज्यादा सक्रिय होगी। नतीजतन कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कई अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग
प्रशासनिक आदेश के तहत सहायक उप निरीक्षक उदल राम टाण्डेकर को बेमेतरा थाने से बेरला भेजा गया है। वहीं मोहनलाल साहू को यातायात शाखा से साजा और संतोष ध्रुवे को बिरनपुर से कंडरका स्थानांतरित किया गया।
इसके अलावा जहीर खान को रक्षित केंद्र से यातायात शाखा में नई जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि विभाग ने साफ किया है कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
थाना और चौकियों में बढ़ेगी सक्रियता
प्रधान आरक्षक स्तर पर भी व्यापक फेरबदल किया गया है। थाना बेमेतरा, बेरला, नवागढ़, साजा, दाढ़ी, परपोड़ी, खम्हरिया और देवकर समेत कई जगहों पर नई पदस्थापना की गई है।
इसी बीच बड़ी संख्या में आरक्षकों को सीधे थाना और चौकी में तैनात किया गया है। खासतौर पर रक्षित केंद्र में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को अब फील्ड में उतारा गया है। कुल मिलाकर Bemetara Transfer से मैदानी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर विभाग का जोर
पुलिस विभाग का मानना है कि Bemetara Transfer के बाद फील्ड में जवानों की मौजूदगी बढ़ेगी। इसलिए अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इसके बाद 11 आरक्षकों और प्रधान आरक्षकों को रक्षित केंद्र भेजा गया है। वहीं दूसरी ओर कई कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियाँ देकर अलग-अलग थानों और चौकियों में तैनात किया गया है। कुल मिलाकर यह कदम जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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