मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अकाल और सूखा जैसे हालातों से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है। रविवार को सीएम ने घोषणा की है कि सूखा प्रभावित किसानों को राज्य सरकार प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देगी। मतलब यदि बारिश न होने की वजह से या सूखा जैसी स्थिति होने से फसल खराब हुई तो सरकार की ये योजना ऐसे किसानों को सरकार नुकसान से बचाएगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अकाल से प्रभावित किसानों को भी छत्तीसगढ़ सरकार गिरदावरी सर्वे के आधार पर ये मदद देने वाली है।

किन्हें मिलेगा फायदा ?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मछुआ कांग्रेस के राज्य स्तरीय सम्मेलन में ये घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी राज्य के कई क्षेत्रों में अल्पवृष्टि और अनावृष्टि के चलते अकाल की स्थिति निर्मित हो गई है। छत्तीसगढ़ की सरकार हर विपदा में किसानों के साथ खड़ी है। जिन किसान भाइयों ने अभी खरीफ सीजन में धान, कोदो-कुटकी, अरहर की बुवाई की है, यदि बरसात के अभाव में उत्पादन हो या न हो, उन्हें सरकार प्रति एकड़ 9000 रुपए की आर्थिक मदद देगी।

कृषि हित में फैसले

बता दें कि सीएम भूपेश बघेल कृषि समेत मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, कुक्कुट पालन आदि क्षेत्र के लिए लगातार कल्याणकारी फैसले ले रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिया। इसके तहत मत्स्य कृषकों और मछुआरों को किसानों की तरह ही शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा मिलने लगी है। किसानों की तरह ही समान रियायती दर पर मत्स्य कृषकों को बिजली और मछली पालन के लिए तालाबों एवं जलाशयों को नि:शुल्क पानी की सुविधा मिलने लगी है।