Petrol Diesel Price Hike

देश में लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। Petrol Diesel Price Hike के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में दावा किया गया कि सरकार जनता के बढ़ते असंतोष और विरोध प्रदर्शनों से डरी हुई है।

संपादकीय में कहा गया कि बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

महंगाई ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट

शिवसेना UBT ने कहा कि Petrol Diesel Price Hike केवल ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर परिवहन, खाद्य सामग्री और घरेलू खर्चों पर भी दिखाई दे रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

वहीं सामना के संपादकीय में यह भी कहा गया कि सरकार आलोचनाओं से बचने के लिए विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

‘महंगाई डायन’ गीत को लेकर भी उठे सवाल

संपादकीय में फिल्म पीपली लाइव के लोकप्रिय गीत ‘महंगाई डायन खाए जात है’ का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह गीत आज भी आम आदमी की परेशानियों को दर्शाता है। Petrol Diesel Price Hike और बढ़ती महंगाई के बीच इस गाने को जनता की भावनाओं का प्रतीक बताया गया।

हालांकि पार्टी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इस गीत को हटाने के पीछे सरकारी दबाव हो सकता है। शिवसेना UBT ने इसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर हमला करार दिया।

विपक्षी नेताओं और कलाकारों का किया जिक्र

सामना में प्रकाशित लेख में कहा गया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों, कलाकारों और कॉमेडियनों की आलोचना से भी असहज महसूस करती है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का भी जिक्र किया गया।

पार्टी ने दावा किया कि Petrol Diesel Price Hike को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ रही है और यही वजह है कि सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

भाजपा के पुराने आंदोलनों की दिलाई याद

शिवसेना UBT ने अपने संपादकीय में भाजपा नेताओं के पुराने महंगाई विरोधी आंदोलनों का भी उल्लेख किया। लेख में कहा गया कि पहले विपक्ष में रहते हुए भाजपा नेता ईंधन और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब महंगाई के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

इसके बाद पार्टी ने कहा कि Petrol Diesel Price Hike आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसका सीधा असर देश की आम जनता पर पड़ रहा है।

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