खाद्यान्न वितरण

केंद्रीय सरकार ने SARTHAK-PDS योजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा योजना को दीर्घकालिक ढांचे के रूप में लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे महत्वपूर्ण निर्णय बताया। इसलिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार की संभावना बढ़ी है।
AI और GPS तकनीक का होगा उपयोग

योजना के तहत आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही AI और GPS आधारित निगरानी प्रणाली लागू होगी। QR कोड के माध्यम से ट्रैकिंग भी की जाएगी। कुल मिलाकर SARTHAK-PDS योजना डिजिटल निगरानी को मजबूत करेगी।

गरीब हितग्राहियों को मिलेगा लाभ

सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाना है। वहीं राशन वितरण को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि कई क्षेत्रों में पहले पारदर्शिता संबंधी चुनौतियां मौजूद थीं। अब सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

भ्रष्टाचार नियंत्रण में मददगार होगी योजना

वित्त मंत्री ने कहा कि नई तकनीक निगरानी क्षमता बढ़ाएगी। इसके अलावा वितरण प्रक्रिया की जवाबदेही मजबूत होगी। नतीजतन अनियमितताओं पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। जरूरतमंद परिवारों को लाभ समय पर प्राप्त होगा।

डबल इंजन सरकार ने बताया महत्वपूर्ण कदम

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने योजना को सुशासन से जुड़ा कदम बताया। अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी बीच SARTHAK-PDS योजना को प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

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