मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला आर्थिक सहायता की 29वीं किस्त जारी की। 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई। डीबीटी के जरिए 626.25 करोड़ रुपये सीधे अंतरित किए गए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
मुख्य बातें
- 66 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला।
- 626.25 करोड़ रुपये डीबीटी से भेजे गए।
- अब तक 29 किस्तों में 18,805.83 करोड़ रुपये जारी हुए।
- योजना 1 मार्च 2024 से संचालित है।
- पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं।
- ई-केवाईसी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
महिला आर्थिक सहायता से बढ़ी आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आर्थिक सहायता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे आर्थिक भागीदारी भी मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि कई महिलाओं ने छोटे व्यवसाय शुरू किए। वहीं कई परिवारों ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाया। इसलिए योजना का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर
महिला आर्थिक सहायता के साथ सरकार दूसरी योजनाएं भी चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं की आय बढ़ा रही हैं। इसके अलावा स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को ई-केवाईसी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। बस्तर संभाग में विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
हर महीने मिलती है नियमित सहायता
योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं।
राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। इसलिए प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। साथ ही लाभ समय पर मिल जाता है।
परिवारों को भी मिल रहा लाभ
यह सहायता शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च हो रही है।
महिला आर्थिक सहायता ने कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने का अवसर भी मिला है।
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