बीजापुर जिले में हुआ ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। 25 मई 2026 को लगी भीषण आग में करोड़ों रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार इस घटना से लगभग 6.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे वनोपज प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित?
ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड के बाद वन विभाग ने गोदाम सहायक सुनील बुरका को निलंबित कर दिया है। वहीं वनरक्षक कामेश्वर एनका के खिलाफ भी निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उनका सवाल है कि गोदाम की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी।
जांच पूरी होने का इंतजार
वन विभाग का कहना है कि ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने वनक्षेत्रपाल और उपवनक्षेत्रपाल स्तर के अधिकारियों के खिलाफ अनुशंसा भी उच्च कार्यालय को भेजी है।
फिलहाल विभाग बीमा कंपनी के माध्यम से नुकसान की भरपाई के लिए दावा प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। लेकिन जांच टीम की गतिविधियों और कार्रवाई की धीमी गति को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी बड़े अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि वास्तविक जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि यदि प्रशासन पारदर्शी जांच करता है तो आगजनी की घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
संग्राहकों को मिला राहत का संदेश
इस बीच जिला यूनियन बीजापुर ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को आश्वस्त किया है कि ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड का उनके भुगतान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सीजन 2026 में संग्रहित तेंदूपत्ते के लिए 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जाएगा।
संग्रहण से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है और भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे हजारों संग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या जांच के बाद होगी बड़ी कार्रवाई?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड केवल आगजनी की घटना नहीं, बल्कि वन विभाग की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की भी परीक्षा है। यदि जांच में लापरवाही या प्रशासनिक चूक सामने आती है, तो आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव हो सकती है।
बीजापुर का ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड अब केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं रह गया है। करोड़ों रुपये की वन संपदा नष्ट होने के बाद जनता की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विभाग जवाबदेही तय करता है या मामला केवल निचले स्तर की कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।
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