सुकमा पुनर्वास केंद्र

सुकमा पुनर्वास केंद्र में 113 आत्मसमर्पित युवा निवास कर रहे हैं। इसके अलावा उनके सामाजिक पुनर्वास पर विशेष कार्य किया जा रहा है। प्रशासन उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इसलिए केंद्र को सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा और जागरूकता पर विशेष फोकस

युवाओं को अक्षर ज्ञान और बुनियादी शिक्षा दी जा रही है। साथ ही गणित और अंग्रेजी का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। दो विशेष शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। कुल मिलाकर सुकमा पुनर्वास केंद्र शिक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

सरकारी योजनाओं से बढ़ रहा जुड़ाव

प्रशासन युवाओं के लिए विभिन्न दस्तावेज तैयार कर रहा है। इसके अलावा वोटर आईडी और श्रम कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। नतीजतन सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है।

खेल गतिविधियों ने बढ़ाया आत्मविश्वास

युवाओं ने वॉलीबॉल को प्रमुख खेल के रूप में चुना है। वहीं खेल प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी देखी जा रही है। खेल गतिविधियों से आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित हो रही है। इसलिए पुनर्वास प्रक्रिया को नई गति मिली है।

तकनीक और मनोरंजन से मिल रहा सहयोग

सुकमा पुनर्वास केंद्र में युवाओं को 5G स्मार्टफोन दिए गए हैं। इसके अलावा संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। युवा अब नई जानकारियों से जुड़ पा रहे हैं। इसी बीच केंद्र सामाजिक पुनर्वास के प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

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