Rajmergarh Tourism को नई पहचान दिलाने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने शनिवार को राजमेरगढ़ और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन बैगा कुटीर सहित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
Rajmergarh Tourism के तहत विकास कार्यों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राजमेरगढ़ पहाड़ी पर निर्माणाधीन बैगा कुटीर पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आरामदायक और आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसलिए निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्य बातें
- कलेक्टर ने राजमेरगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया।
- बैगा कुटीर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा हुई।
- ज्वालेश्वर धाम सहित कई पर्यटन स्थलों का दौरा किया गया।
- मूलभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
- स्थानीय रोजगार और पर्यटन को जोड़ने पर जोर दिया गया।
Rajmergarh Tourism से स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों से चर्चा की। उन्होंने समितियों की आय, संचालन और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक व्यंजन और अन्य स्थानीय उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने संबंधित विभागों को समितियों को प्रशिक्षण, विपणन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुविधाओं की तैयारी
कलेक्टर ने ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा और ठाड़ पथरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
एक नजर में
- बैगा कुटीर का निर्माण जल्द पूरा होगा।
- पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
- स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार।
- पर्यटन समितियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय संस्कृति को भी मिलेगा संरक्षण
कलेक्टर ने कहा कि पर्यटन विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए। स्थानीय संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को भी पर्यटन से जोड़ा जाना चाहिए। इससे पर्यटक जिले की सांस्कृतिक पहचान को करीब से समझ सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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