Malviya Nagar Hotel Fire

दिल्ली के चर्चित Malviya Nagar Hotel Fire मामले में जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। होटल में केवल एक प्रवेश और निकास द्वार था, जबकि पांच मंजिला इमारत में सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती थी। आग लगने के बाद यही रास्ता लोगों के लिए सबसे बड़ी बाधा बन गया।

धुएं ने छीनी लोगों की जान

विशेषज्ञों के अनुसार Malviya Nagar Hotel Fire में अधिकांश मौतें आग से झुलसने के कारण नहीं बल्कि जहरीले धुएं के कारण हुईं। धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य विषैले तत्वों ने लोगों को कुछ ही मिनटों में बेहोश कर दिया। अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों के फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

जान बचाने के लिए लोगों ने लगाई ऊंचाई से छलांग

जब कमरों में धुआं भर गया और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, तब कई लोगों ने तीसरी और चौथी मंजिल से छलांग लगाने का फैसला किया। Malviya Nagar Hotel Fire के दौरान घायल हुए कई लोगों को फ्रैक्चर और रीढ़ की गंभीर चोटों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अनुमति से कई गुना अधिक कमरे चलाए जा रहे थे

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संबंधित होटल को केवल छह कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि क्षमता से अधिक संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने Malviya Nagar Hotel Fire को और अधिक घातक बना दिया।

विदेशी नागरिक भी हादसे की चपेट में आए

हादसे में कई विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं। कुछ मृतकों और घायलों की पहचान अफ्रीकी देशों, बांग्लादेश और नेपाल के नागरिकों के रूप में हुई है। विदेश मंत्रालय संबंधित दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। इस वजह से Malviya Nagar Hotel Fire ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।

जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं जिम्मेदारियों की कड़ी

दिल्ली नगर निगम, अग्निशमन विभाग और पुलिस मामले की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं। होटल संचालकों, लाइसेंस प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक फोन कॉल ने बदल दी किस्मत

हादसे के दौरान एक विदेशी नागरिक की जान केवल इसलिए बच गई क्योंकि वह अपने पिता से मिलने अस्पताल चला गया था। कुछ ही देर बाद होटल में आग लग गई। यह घटना Malviya Nagar Hotel Fire की कई दर्दनाक कहानियों में से एक बन गई है।

यह भी पढ़ें: Muzaffarpur Hospital Fire: मौतों की संख्या पर सस्पेंस, जांच शुरू
CM साय ने पूर्व नक्सल दंपत्ति की दुकान पर रुककर दिया संदेश
सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति से बढ़ी न्यायिक ताकत