Vishnu Deo Sai

सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के कोण्डापल्ली गांव पहुंचे CM साय का काफिला उस समय रुक गया जब उनकी नजर सड़क किनारे मौजूद एक छोटी किराना दुकान पर पड़ी। देखने में सामान्य लगने वाली यह दुकान संघर्ष, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की अनोखी कहानी समेटे हुए थी।

यह दुकान पूर्व नक्सली दंपत्ति मासा तामो और जयमोती द्वारा संचालित की जा रही है, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और सम्मानजनक जीवन को अपनाया है।

CM साय ने खरीदी पानी की बोतल, बढ़ाया आत्मविश्वास

दुकान में पहुंचकर CM साय ने दंपत्ति से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने दुकान से पानी की बोतल खरीदकर उनके प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनना किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और ऐसे उदाहरण समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।

संघर्षों से भरा रहा मासा तामो और जयमोती का जीवन

मासा तामो ने बचपन में ही पिता को खो दिया था, जबकि जयमोती के सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। कठिन परिस्थितियों ने दोनों को नक्सली संगठन की ओर धकेल दिया।

संगठन में मुलाकात के बाद दोनों ने विवाह किया, लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। अक्टूबर 2025 में दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक फैसला लिया।

पुनर्वास योजना ने बदली किस्मत

आत्मसमर्पण के बाद दोनों को बीजापुर पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता और अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के ऋण से उन्होंने अपनी किराना दुकान शुरू की। CM साय ने इस उपलब्धि को शासन की पुनर्वास नीति की सफलता का उदाहरण बताया।

अब सम्मानजनक जीवन जी रहा है परिवार

मासा तामो और जयमोती ने मुख्यमंत्री को बताया कि दुकान से होने वाली आमदनी से परिवार का खर्च आसानी से चल रहा है। बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए भी अब नए सपने देखे जा रहे हैं।

उनका कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद यह बदलाव संभव नहीं हो पाता।

CM साय बोले- विश्वास और अवसर से बदलती है जिंदगी

दंपत्ति की कहानी सुनने के बाद CM साय ने कहा कि यह केवल दो लोगों की सफलता नहीं, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जब समाज और सरकार मिलकर किसी को अवसर देते हैं, तो वह व्यक्ति नई पहचान बना सकता है। CM साय ने इसे नए बीजापुर और विकसित बस्तर की जीवंत तस्वीर बताया।

बीजापुर के कोण्डापल्ली गांव में CM साय का यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बदलाव की एक प्रेरणादायक कहानी को सामने लाने का अवसर भी था। मासा तामो और जयमोती की यात्रा यह साबित करती है कि सही दिशा, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास से जीवन को नई राह दी जा सकती है। यह कहानी आज बदलते बस्तर की नई पहचान बन रही है।

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