इबोला वायरस

दुर्ग जिले में तीन अंतर्राष्ट्रीय यात्री हाल ही में पहुंचे हैं। इसके अलावा सभी को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार होम आइसोलेशन में रखा गया है। वर्तमान में किसी यात्री में लक्षण नहीं पाए गए हैं। इसलिए उन्हें सेल्फ मॉनिटरिंग श्रेणी में रखा गया है। इबोला वायरस के मद्देनजर दुर्ग में स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था मजबूत तीन अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को रखा गया आइसोलेशन में

स्वास्थ्य विभाग कर रहा नियमित फॉलोअप

यात्रियों से प्रतिदिन दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही सुबह और शाम स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है। किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए गए हैं। नतीजतन निगरानी प्रक्रिया लगातार जारी है।

इबोला वायरस के लक्षणों पर विशेष नजर

इबोला वायरस के मामलों में बुखार प्रमुख लक्षण माना जाता है। इसके अलावा उल्टी, पेट दर्द और सिरदर्द भी हो सकता है। अत्यधिक थकान और जोड़ों में दर्द इसके अन्य संकेत हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग लक्षणों की सतत निगरानी कर रहा है।

संक्रमण कैसे फैलता है

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से फैल सकता है। साथ ही संक्रमित शारीरिक द्रव भी संक्रमण का माध्यम बन सकता है। हालांकि सामान्य सामाजिक संपर्क से जोखिम कम माना जाता है। इसलिए जोखिम आधारित निगरानी अपनाई जा रही है।

एयरपोर्ट स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू

अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की एयरपोर्ट पर क्लिनिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा जोखिम के आधार पर श्रेणी निर्धारण किया जा रहा है। दुर्ग जिले में आए यात्रियों को भी इसी प्रक्रिया के तहत निगरानी में रखा गया है। कुल मिलाकर इबोला वायरस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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