UPSC 2026 की प्रारंभिक परीक्षा में छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। UPSC प्रीलिम्स में सफलता प्राप्त करने वाले अधिकांश छात्र जनजातीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनसे मुलाकात कर कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने साबित किया है कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बन सकती।
संघर्ष और मेहनत की बनी मिसाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि UPSC प्रीलिम्स में सफल विद्यार्थियों की कहानियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। किसी के पिता किसान हैं, किसी के मजदूर हैं और किसी के शिक्षक हैं। सीमित साधनों के बीच रहकर इन युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता बताती है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवा भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विद्यार्थियों से साझा किए सफलता के सूत्र
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि UPSC प्रीलिम्स केवल पहला चरण है और अब मुख्य परीक्षा की तैयारी में पूरी ऊर्जा लगानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास ही किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की सबसे बड़ी ताकत है।
शिक्षा और अवसरों को मिल रहा बढ़ावा
राज्य सरकार द्वारा प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। UPSC प्रीलिम्स में मिली सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार की पहलें सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि UPSC प्रीलिम्स में सफल युवा विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य की पहचान हैं। शिक्षित और जागरूक युवा ही प्रदेश और देश को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।
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