लखपति दीदी

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सक्ती जिले की समीक्षा बैठक में लखपति दीदी योजना को नई दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। महिलाओं को ऐसे व्यवसायों से जोड़ा जाए जिनमें अधिक आय और दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं हों। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

नवाचार आधारित उद्यमों को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आधुनिक और नवाचार आधारित उद्यमों की ओर प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला समूहों को ऐसे व्यवसायों की जानकारी दी जाए जिनकी बाजार में अधिक मांग है। इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे सकेंगी।

हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती पर जोर

राज्यपाल ने लखपति दीदी समूहों को हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से महिलाएं कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी।

महिलाओं को नए बाजारों से जोड़ने की पहल

राज्यपाल ने कहा कि लखपति दीदी योजना के लाभार्थियों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि उन्हें विपणन और मूल्य संवर्धन की जानकारी भी दी जानी चाहिए। महिलाओं को नए बाजारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ाई जा सकती है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।

आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि नवाचार और तकनीक से जोड़ा जाए तो यह योजना और अधिक प्रभावी साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला समूहों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

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