कवर्धा जिले में चीतल शिकार का बड़ा मामला सामने आया। वन विभाग और वन विकास निगम ने संयुक्त कार्रवाई की। सात आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
मुख्य बातें
- कवर्धा में नर चीतल के शिकार का खुलासा हुआ।
- सात आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए।
- पकाया हुआ मांस और शिकार सामग्री जब्त हुई।
- आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज हुआ।
- नियमित गश्त से कार्रवाई को सफलता मिली।
- सरकार ने वन्यजीव अपराधियों को सख्त चेतावनी दी।
चीतल शिकार का हुआ खुलासा
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली। इसके बाद टीम ने तुरंत घेराबंदी की। कार्रवाई भलपहरी बीट के जंगल में की गई।
शिकारियों ने जाल बिछाकर नर चीतल का शिकार किया था। वे उसका मांस बांटने की तैयारी कर रहे थे।
चीतल शिकार में बरामद हुआ सामान
चीतल शिकार मामले में वन विभाग ने कई सामान जब्त किए।
टीम ने 500 ग्राम पका हुआ मांस बरामद किया। नायलॉन की रस्सी, कुल्हाड़ियां और फंदे भी मिले। खून से सना थैला भी जब्त किया गया।
नियमित निगरानी से मिली सफलता
वन विभाग लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रहा है। सूचना तंत्र भी मजबूत बनाया गया है।
इसके अलावा विशेष निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसलिए वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण मजबूत हुआ है।
सरकार ने दिया सख्त संदेश
शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि वन अपराध की सूचना तुरंत विभाग को दें। इससे वन्यजीवों का बेहतर संरक्षण होगा।
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