स्वतंत्रता समारोह

स्वतंत्रता समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के कारण कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहेगा। सभी विभागों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

  • रायपुर में सुबह 9 बजे राज्य स्तरीय समारोह होगा।
  • मुख्यमंत्री ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
  • वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य रहेगा।
  • सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
  • शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।

स्वतंत्रता समारोह के लिए सरकार की विशेष तैयारी

राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

समारोह में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, नगर सेना और एनसीसी की टुकड़ियां शामिल होंगी।

स्वतंत्रता समारोह में जिला स्तर पर होंगे कार्यक्रम

जिला मुख्यालयों में नामित मंत्री ध्वजारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन भी किया जाएगा। स्कूलों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित होंगी।

जनपद पंचायत, नगर निकाय और ग्राम पंचायत स्तर पर भी ध्वजारोहण कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय गान और देशभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

स्वतंत्रता समारोह के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। सरकारी विज्ञापन भी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित रहेंगे।

शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी

प्रदेश के सभी शासकीय भवनों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। नागरिकों से भी अपने घरों पर तिरंगा फहराने और रोशनी करने की अपील की गई है।

शिक्षण संस्थानों में प्रभात फेरी, वृक्षारोपण, खेलकूद और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।

प्रमुख अपडेट

  • मुख्यमंत्री रायपुर में ध्वजारोहण करेंगे।
  • वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा।
  • सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
  • शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।
  • सरकारी भवनों पर विशेष रोशनी की जाएगी।

यह भी पढ़ें:
आधुनिक सिंचाई परियोजना से जशपुर के गांवों में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
Indus Water Dispute: भारत के फैसले से पाकिस्तान पर बढ़ा आर्थिक बोझ
बिलासपुर बारिश: जलभराव से जीवन अस्त-व्यस्त, नगर निगम पर उठे सवाल