मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सूरजपुर जिले में पांच नए आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वीकृति दी है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में पोषण सेवाएं और बाल विकास कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाना है। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्य बातें
- सूरजपुर में 5 नए आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत।
- ओड़गी और भैयाथान परियोजनाओं को मिलेगा लाभ।
- 60 दिनों में संचालन शुरू करने के निर्देश।
- बच्चों और माताओं तक सेवाओं की बेहतर पहुंच।
- जिले में कुल 2086 आंगनबाड़ी केंद्र होंगे।
पोषण सेवाएं पहुंचाने के लिए चुने गए पांच नए क्षेत्र
महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेश के अनुसार नए केंद्र डगमलापारा, भूंडा, झाडूडीह, पण्डोपारा और बगईहापारा में संचालित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं, जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है।
साथ ही कुछ पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाएगा। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और अधिक हितग्राहियों तक सेवाएं पहुंच सकेंगी।
पोषण सेवाएं बढ़ाने के लिए विभाग ने दिए निर्देश
विभाग ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को 60 दिनों के भीतर सभी नए केंद्रों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आईसीडीएस पोर्टल, पोषण ट्रैकर, कार्यकर्ता एवं सहायिका की नियुक्ति तथा भवन और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार प्रत्येक बच्चे को सुपोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नए केंद्रों से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी मजबूती
इन केंद्रों के शुरू होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों का दायरा बढ़ेगा। साथ ही कुपोषण की रोकथाम और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े प्रयासों को भी नई गति मिलेगी।
प्रमुख अपडेट
- पांच नए आंगनबाड़ी केंद्रों को मंजूरी।
- 60 दिनों में संचालन शुरू होगा।
- आईसीडीएस पोर्टल पर डेटा अपडेट होगा।
- बच्चों और माताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधा।
- जिले में कुल 2086 केंद्र संचालित होंगे।
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