मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ सरकार खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रायपुर में आयोजित ‘किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम’ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।

मुख्य अपडेट

  • सिंचाई परियोजनाओं को तेज गति से पूरा किया जाएगा।
  • धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से जारी रहेगी।
  • फसल विविधिकरण करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
  • कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
  • कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे।

कृषक उन्नति योजना के तहत फसल विविधिकरण को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल धान पर आधारित खेती से आगे बढ़ने की जरूरत है। इसलिए किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का और कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बागवानी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की आय के नए स्रोत तैयार होंगे।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की सफलता के लिए पर्याप्त सिंचाई सबसे जरूरी है। इसलिए सरकार नई नहरों, बैराज और एनीकट निर्माण पर तेजी से काम कर रही है।

सोलर सिंचाई पंप, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

इंद्रावती नदी पर नए बैराज और सिकासार-कोडार लिंक परियोजना जैसी योजनाओं से हजारों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कृषक उन्नति योजना से आधुनिक खेती को मिलेगा नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का तेजी से उपयोग बढ़ रहा है। महिलाएं ड्रोन दीदी बनकर नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं। इससे खेती की लागत घट रही है और उत्पादकता में सुधार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कई शिक्षित युवा भी कृषि आधारित स्टार्टअप और आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव कृषि क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

धान खरीदी और किसानों को आर्थिक लाभ

राज्य सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। पिछले खरीफ सीजन में लगभग 25 लाख किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।

सरकार ने लंबित बोनस का भुगतान भी पूरा किया है। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसानों के लिए प्रमुख फैसले

  • सिंचाई परियोजनाओं का तेज विस्तार।
  • आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान।
  • फसल विविधिकरण के लिए आर्थिक सहायता।
  • ड्रोन और नई तकनीकों को बढ़ावा।
  • कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर।

अन्य विकास कार्यों पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास पर भी समान रूप से काम हो रहा है। नई उद्योग नीति के तहत बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

रेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी मिल चुकी है। बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

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