बनोरा अघोर गुरु पीठ

कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्यमंत्री ने अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी लगाई थी। बच्चों ने कई वैज्ञानिक मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि बच्चों में सवाल पूछने की आदत बढ़नी चाहिए। साथ ही उन्हें नए विचारों पर काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा में संस्कारों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

बनोरा अघोर गुरु पीठ 8 एकड़ में बना आधुनिक विद्यालय परिसर

अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट ने विद्यालय का नया परिसर तैयार किया है। यह परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में फैला है। भवन का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग एक लाख वर्गफीट है।

जी प्लस-2 भवन में विद्यार्थियों के लिए कई सुविधाएं हैं। विद्यालय में 41 कक्षाएं बनाई गई हैं। इसके साथ 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं भी तैयार की गई हैं।

पढ़ाई के लिए पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास की सुविधा है। नर्सरी के बच्चों के लिए खेल सामग्री भी उपलब्ध है। इससे गतिविधि आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

विद्यालय में 32 शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 14 कार्यालयीन कर्मचारी भी कार्य करेंगे। इससे स्कूल के संचालन में सुविधा मिलेगी।

बनोरा अघोर गुरु पीठ में मुख्यमंत्री ने बताया परिवार का पुराना जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने अघोरेश्वर भगवान राम जी से अपने परिवार के पुराने संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय उनके परम शिष्य थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कारण बचपन से परिवार में श्रद्धा का माहौल रहा। उन्होंने बाबा प्रियदर्शी राम जी से लंबे समय से मिले स्नेह का भी उल्लेख किया।

उनके अनुसार, बनोरा आने पर हमेशा आत्मीयता महसूस होती है। उन्होंने आश्रम की सेवा से जुड़े संतों और सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी भी शामिल हुए। उन्होंने आश्रम की सेवा गतिविधियों को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि आश्रम शिक्षा, चिकित्सा और मानव सेवा से जुड़ा है। नए विद्यालय भवन से इस कार्य को और विस्तार मिलेगा।

बनोरा अघोर गुरु पीठ में नए विद्यालय भवन का लोकार्पण शिक्षा के लिए अहम पहल है। आधुनिक सुविधाओं के साथ बच्चों के संस्कार पर भी ध्यान दिया गया है। विज्ञान प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और नवाचार को सामने रखा।

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