पारस पोर्टल मॉनिटरिंग

पारस पोर्टल मॉनिटरिंग को छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन की नई व्यवस्था के रूप में लागू किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय में आयोजित पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ बिना देरी पहुंचे।

सीमांकन और किसान पंजीयन पर मुख्यमंत्री ने दिए स्पष्ट निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के लंबित सीमांकन मामलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में सभी मामलों का निराकरण किया जाए। साथ ही एग्रीस्टैक के तहत प्रत्येक पात्र किसान का पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र किसान को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।

पारस पोर्टल मॉनिटरिंग के जरिए जवाबदेही होगी तय

पारस पोर्टल मॉनिटरिंग के माध्यम से अब विभागों की कार्यप्रणाली का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। यदि किसी अधिकारी की वजह से लाभार्थी प्रभावित होता है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु को मिलेगा नया विस्तार

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा करते हुए शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। ग्राम पंचायतों और कॉमन सर्विस सेंटरों के जरिए इन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान

बैठक में मोबाइल टॉवर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया। स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की भी समीक्षा की गई। स्कूल परिसरों में किचन गार्डन और पौधारोपण अभियान को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बातें

  • हर महीने अंतिम मंगलवार को राज्यस्तरीय समीक्षा होगी।
  • पारस पोर्टल से योजनाओं की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।
  • सीमांकन मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
  • एग्रीस्टैक में सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित होगा।
  • सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु को और प्रभावी बनाया जाएगा।

महत्वपूर्ण अपडेट

  • विभागवार प्रदर्शन की नियमित समीक्षा होगी।
  • लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
  • ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
  • मोबाइल नेटवर्क विस्तार की परियोजना को गति मिलेगी।
  • स्कूलों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा।

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