आसाराम स्वास्थ्य राहत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने उनकी चिकित्सकीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि यदि भविष्य में स्वास्थ्य स्थिति और गंभीर होती है, तो नई याचिका पर विचार किया जा सकता है।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मिला सीमित लाभ
सुनवाई के दौरान एम्स के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अदालत के सामने रखी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि आसाराम को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उन्हें चौबीस घंटे चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है। इसी आधार पर अदालत ने आसाराम स्वास्थ्य राहत के तहत केयरटेकर रखने की मंजूरी दी।
सरकार ने पैरोल आवेदन का भी किया उल्लेख
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पहले भी पैरोल के लिए आवेदन किया गया था। उन्होंने कहा कि इस तथ्य का पूरा उल्लेख नहीं किया गया। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने स्पष्ट किया कि वह आवेदन स्वास्थ्य कारणों से संबंधित नहीं था।
राजस्थान हाईकोर्ट पहले दे चुका है पैरोल
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की पैरोल प्रदान की थी। अदालत ने माना था कि राज्य सरकार पैरोल खारिज करने का पर्याप्त कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी। उस समय उनकी आयु, जेल में बिताया गया समय और पूर्व रिहाई के दौरान उनका व्यवहार भी ध्यान में रखा गया था।
किस मामले में काट रहे हैं उम्रकैद की सजा?
आसाराम वर्ष 2013 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी हैं। वर्ष 2018 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी उनकी दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा। वर्तमान में वे जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया।
- प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति मिली।
- एम्स ने अस्पताल में भर्ती की जरूरत नहीं बताई।
- स्वास्थ्य बिगड़ने पर नई याचिका दायर की जा सकेगी।
- मामला 2013 के नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण से जुड़ा है।
अहम अपडेट
- मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को अदालत ने महत्वपूर्ण माना।
- पैरोल आवेदन का मुद्दा सुनवाई में उठा।
- राजस्थान हाईकोर्ट पहले 20 दिन की पैरोल दे चुका है।
- दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा अभी भी प्रभावी है।
- अदालत ने केवल स्वास्थ्य संबंधी सीमित राहत प्रदान की।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ पावर कंपनी पर संग्राम: कांग्रेस ने लगाया निजीकरण का आरोप
