मध्यप्रदेश बस सेवा

इंदौर में मध्यप्रदेश बस सेवा को लेकर नई योजना पर मंथन शुरू हुआ है।
शुक्रवार से दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट आयोजित हो रहा है।
इस आयोजन में सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की बात कही।
सरकार करीब दो दशक बाद नया परिवहन मॉडल तैयार कर रही है।

इस मॉडल में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।
साथ ही परिवहन ऑपरेटरों को तकनीकी सहायता मिलेगी।

2030 तक 15 हजार बसें चलाने की तैयारी

सरकार ने वर्ष 2030 तक बड़ा लक्ष्य तय किया है।
प्रदेश में करीब 15 हजार यात्री बसें चलाने की योजना है।

इस विस्तार में निजी बस संचालकों को भी जोड़ा जाएगा।
सरकार ऑपरेटरों की सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्था बनाएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश में करीब पांच लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क मौजूद है।

बढ़ते यातायात के बीच बस सेवाओं का विस्तार जरूरी है।
इससे छोटे शहरों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों की कनेक्टिविटी सुधरेगी।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ी परिवहन की जरूरत

मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या का उल्लेख किया।

उनके अनुसार, बीते समय में करीब आठ करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हैं।
पहले 60 से 70 लाख श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी मानी जाती थी।

अब बढ़ती भीड़ के कारण बेहतर परिवहन की जरूरत है।
सुरक्षित और समयबद्ध बस सेवा इस जरूरत को पूरा करेगी।

ऑपरेटरों को तकनीक से जोड़ा जाएगा

मध्यप्रदेश बस सेवा के नए मॉडल में तकनीक की बड़ी भूमिका होगी।
सरकार परिवहन संचालकों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं देने की तैयारी में है।

इससे बसों का संचालन ज्यादा व्यवस्थित हो सकता है।
यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

आधुनिक IT सिस्टम से परिवहन सेवाओं की निगरानी आसान होगी।
यात्रियों की जरूरत के अनुसार रूट में बदलाव भी संभव होगा।

AI आधारित रूट प्लानिंग पर जोर

समिट में AI आधारित रूट प्लानिंग पर चर्चा होगी।
इससे यात्रियों की संख्या के अनुसार मार्ग तय किए जा सकेंगे।

व्यस्त रूट पर ज्यादा बसें उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कम मांग वाले मार्गों की भी बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।

इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि यहां बने वाहन विदेशों तक पहुंच रहे हैं।
सरकार चाहती है कि इस तकनीक का लाभ प्रदेश को मिले।

इलेक्ट्रिक बसों से सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।
इसके लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी होगा।

भगवा रंग में नजर आएंगी बसें

मध्यप्रदेश बस सेवा के नए स्वरूप में बसों का रंग भी बदलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसें लंबे समय बाद भगवा रंग में दिखेंगी।

यह बदलाव सेवा के नए स्वरूप के साथ सामने आएगा।
सरकार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रही है।

नई बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
इससे प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को नया रूप मिलने की उम्मीद है।

सेवा संकल्प माह में मिलेंगी नई सुविधाएं

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प माह चलेगा।
इस अवधि में अलग-अलग क्षेत्रों में नई सेवाएं शुरू होंगी।

25 सितंबर को यात्री परिवहन सेवाओं का नया स्वरूप सामने आएगा।
इस दौरान परिवहन व्यवस्था से जुड़ी कई सुविधाएं मिल सकती हैं।

PPP मॉडल से बढ़ेगा निजी निवेश

समिट में PPP मॉडल के जरिए निवेश पर चर्चा होगी।
निजी क्षेत्र की भागीदारी से परिवहन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

सरकार यात्री सुरक्षा को इस व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाएगी।
संचालन में तकनीक और बेहतर प्रबंधन को भी जोड़ा जाएगा।

ग्रीन मोबिलिटी को लेकर भी विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे।
हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों पर भी चर्चा होगी।

एकीकृत टिकटिंग से आसान होगा सफर

मध्यप्रदेश बस सेवा को आधुनिक बनाने के लिए टिकटिंग व्यवस्था भी बदलेगी।
समिट में एकीकृत टिकटिंग सिस्टम पर विचार किया जाएगा।

इससे अलग-अलग परिवहन सेवाओं के बीच समन्वय बढ़ सकता है।
यात्रियों के लिए टिकट लेना और यात्रा करना आसान होगा।

इंदौर में मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद यह व्यवस्था अहम है।

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