दुबई निवेश

दुबई से मध्य प्रदेश के लिए आया बड़ा निवेश

AIM Congress-2026 में मध्य प्रदेश को बड़ी उपलब्धि मिली। दुबई में राज्य को 53 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन बैठकें कीं।

बैठकों में मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता पर चर्चा हुई। निवेशकों को राज्य की सुविधाओं और संभावनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही, जनवरी 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का निमंत्रण दिया गया।

इस दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बातचीत हुई। इनमें उद्योग, शहरी विकास और हरित ऊर्जा शामिल रहे। लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी चर्चा हुई। तकनीकी क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

दुबई निवेश में ग्रीन एनर्जी को मिली प्राथमिकता

राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई। कंपनी ने करीब 35,200 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता बताई। प्रस्ताव में कई आधुनिक परियोजनाएं शामिल हैं।

कंपनी 2,000 मेगावाट का सोलर पोर्टफोलियो विकसित कर सकती है। इसके अलावा, 200 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट प्रस्तावित है। 50 मेगावाट का एआई और कंप्यूट डेटा सेंटर भी योजना में है।

इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों की रीसाइक्लिंग पर काम होगा। स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब की योजना भी सामने आई। ई-मोबिलिटी क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशी गईं।

दुबई निवेश में एआई फैक्ट्री की बड़ी योजना

NIDI Services DMCC और SCNELLC के निवेशकों से भी बातचीत हुई। कंपनियों ने औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस में रुचि दिखाई।

प्रस्तावित सॉवरेन एआई फैक्ट्री की क्षमता 50 मेगावाट होगी। इसके लिए 1.5 से 2 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। भविष्य में इसकी क्षमता 100 मेगावाट से अधिक हो सकती है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी रुचि

जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ बैठक हुई। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूलों में रुचि दिखाई। शिक्षक प्रशिक्षण और एडटेक पर भी चर्चा हुई।

वहीं, प्योर हेल्थ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं देखीं। कंपनी बहु-विशेषता अस्पतालों पर विचार कर रही है। डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन भी प्रस्ताव का हिस्सा हैं।

साथ ही, मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा पर भी चर्चा हुई। इससे राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र को नई मजबूती मिल सकती है।

लॉजिस्टिक्स और निर्यात क्षेत्र को मिलेगा बल

शराफ ग्रुप के साथ लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर चर्चा हुई। कंपनी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में रुचि रखती है। वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन को भी इसमें शामिल किया गया है।

डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सोमर से भी बातचीत हुई। पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स हब को लेकर चर्चा हुई। इससे परिवहन और निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

इसके अलावा, केजीके ग्रुप ने भी निवेश में रुचि दिखाई। कंपनी डायमंड प्रोसेसिंग और जेम्स-ज्वेलरी क्षेत्र में निवेश कर सकती है।

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