कृषि प्रधान राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ की ज्यादातर गतिविधियां खेती-किसानी से जुड़ी हैं। राज्य सरकार भी कृषि के आधार को मजबूती देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के विकास के साथ खेतों की प्यास बुझाने के लिए लगातार सिंचाई क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए पुराने नहरों के जीर्णोद्धार के साथ नहर लाईनिंग का काम हो रहा है।
जल संसाधन संभाग कांकेर में पिछले 2 सालों में 12 सिंचाई योजनाओं का काम पूरा किया गया है। जिससे 1585 हेक्टेयर क्षेत्र में फिर से सिंचाई की सुविधा मिल सकी है। आगामी एक साल में यहां 17 योजनाओं का जीर्णोद्धार और नहर लाईनिंग का काम किया जाना है। इनमें से 09 कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने से दो हजार 375 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई कमी की पूर्ति होगी।
भू-जल संवर्धन में वृद्धि
राज्य सरकार ने अंतिम छोर तक खेतों में सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से कांकेर क्षेत्र अंतर्गत 06 एनीकट और स्टॉपडैम का निर्माण कराया गया है। जल संसाधन विभाग की ओर से धनगुडरा स्टॉपडैम, छोटेकापसी स्टॉपडैम, मरकाटोला स्टॉपडैम, कसावाही स्टॉपडैम, घोड़ागांव स्टॉपडैम और नाथिया नवागांव एनीकट का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। जिससे सिंचाई सुविधा का विस्तार हुआ है। इन योजनाओं के निर्माण से ग्रामवासियों को पेयजल एवं निस्तार की सुविधा मुहैया होने के साथ ही भू-जल संवर्धन में वृद्धि हुई है।
बाढ़ नियंत्रण पर भी हो रहा काम
जल संसाधन संभाग कांकेर के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि सिंचाई के साथ सरकार बाढ़ नियंत्रण पर भी ध्यान दे रही है। कांकेर शहर में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शासन से दूध नदी बाढ़ नियंत्रण कार्य की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसके तहत कांकेर शहर के पुराना बस स्टैण्ड के पास निर्मित स्टॉपडैम के अपस्ट्रीम में नदी के दोनों तरफ रिटर्निंग वॉल का निर्माण कराया जाएगा।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
