1 अक्टूबर नए नियम आपकी रसोई, बैंक खाते और सरकारी कागज़ों पर असर डाल रहे हैं.
इस सूची में LPG सब्सिडी, बच्चों का आधार, बड़ी FD और जन्म-मृत्यु पंजीकरण शामिल हैं.
साथ ही हर बदलाव के साथ यह भी बताया गया है कि आपको क्या करना है.
1 अक्टूबर नए नियम में सबसे बड़ा बदलाव कौन-सा है
सबसे बड़ा बदलाव रसोई गैस से जुड़ा है. LPG सब्सिडी के लिए अब बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण ज़रूरी है. ऐसा न करने पर सिलेंडर बिना सब्सिडी वाले दाम पर मिलेगा. 1 अक्टूबर से बच्चों के आधार, बड़ी FD और जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम भी बदले हैं. UPI पर दुकानदार भुगतान से जुड़ा बदलाव 15 अक्टूबर से बताया गया है.
अक्टूबर 2026 के बदलावों की तारीखवार सूची
- LPG: सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार ज़रूरी.
- बच्चों का आधार: बायोमेट्रिक अपडेट की विशेष मुफ्त छूट 30 सितंबर को खत्म.
- बड़ी FD: बैंकों को बल्क FD की दरें हर कामकाजी दिन वेबसाइट पर डालनी होंगी.
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण: देर होने पर मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी का सख्त नियम लागू.
- UPI: ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ दुकानदार भुगतान पर 15 अक्टूबर से MDR, ग्राहक से शुल्क नहीं.
LPG सब्सिडी के लिए आधार प्रमाणीकरण कैसे कराएं
मंत्रालय ने यह घोषणा 19 सितंबर को की थी. उस समय तक करीब 27.43 करोड़ सक्रिय ग्राहक यह प्रक्रिया पूरी कर चुके थे. द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक यह कुल ग्राहकों का लगभग 89.9% है. यानी जिन्होंने पहले ही प्रमाणीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ नहीं करना है.
अगर आपका काम बाकी है, तो तीन रास्ते हैं. सबसे पहले सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी से ही यह करवाया जा सकता है. इसके अलावा गैस एजेंसी के शोरूम पर जाकर भी यह हो जाता है. साथ ही तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप से भी यह सुविधा मिलती है. मंत्रालय का कहना है कि इसका मकसद सिलेंडर की कमर्शियल चोरी और डुप्लीकेट कनेक्शन रोकना है.
बच्चों का आधार अपडेट: अब शुल्क कब लगेगा
छोटे बच्चों के आधार में उंगलियों के निशान और आंखों की स्कैन दर्ज नहीं होती. इसलिए बड़े होने पर इन्हें जोड़ना पड़ता है. इसे अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट यानी MBU कहते हैं. UIDAI की विशेष छूट के तहत यह अपडेट 30 सितंबर 2026 तक मुफ्त था.
बिज़नेस स्टैंडर्ड और अपस्टॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक छूट खत्म होने के बाद ₹125 शुल्क लगेगा. हालांकि UIDAI की फीस सूची में 5 से 7 और 15 से 17 साल वाला तय अपडेट मुफ्त बताया गया है. ऐसे में आधार केंद्र पर जाने से पहले बच्चे की उम्र के हिसाब से शुल्क पूछ लें. ध्यान रहे, बायोमेट्रिक अपडेट के लिए बच्चे को खुद केंद्र पर ले जाना होगा.
बड़ी FD कराने वालों के लिए RBI का नया नियम
RBI ने 30 जुलाई 2026 को जमा ब्याज दरों से जुड़े संशोधित निर्देश जारी किए थे. ये 1 अक्टूबर से लागू हो रहे हैं. अब बैंकों को बल्क डिपॉज़िट की दरें हर कामकाजी दिन सुबह 10 बजे वेबसाइट पर डालनी होंगी. हालांकि 10 मिनट की छूट के साथ यह काम 10:10 बजे तक हो सकता है.
दरअसल, बिज़नेस टुडे के मुताबिक ₹3 करोड़ या उससे ज़्यादा की एकमुश्त FD को बल्क डिपॉज़िट माना जाता है. वहीं नियम में यह भी है कि एक जैसी जमा पर अलग-अलग शाखाओं में अलग दर न दी जाए. इसलिए आम छोटे निवेशक की FD पर इसका सीधा असर नहीं माना जा रहा.
जन्म और मृत्यु का पंजीकरण टालना अब मुश्किल
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2026 भी 1 अक्टूबर से लागू है. भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने गजट अधिसूचना से इसकी जानकारी दी है. अब एक से दो साल की देरी पर जिला, उप-मंडल या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी चाहिए. वहीं दो साल से ज़्यादा देरी पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश ज़रूरी होगा.
यानी 1 अक्टूबर नए नियम के बाद जन्म या मौत की सूचना देर से देना भारी पड़ सकता है. इसलिए समय पर पंजीकरण कराएं.
UPI पर MDR: 15 अक्टूबर से क्या बदलेगा
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट, वह शुल्क जो दुकानदार भुगतान लेने पर देता है. बिज़नेस टुडे के मुताबिक सरकार ने 14 सितंबर को अधिसूचना जारी की थी. फिर 15 सितंबर को NPCI ने सर्कुलर जारी किया. इसके तहत ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ दुकानदार भुगतान पर 0.4% MDR लगेगा.
लेकिन दोस्त या रिश्तेदार को भेजे गए पैसे पर कोई शुल्क नहीं है. साथ ही ₹2,000 तक के भुगतान भी मुफ्त रहेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक QR से महीने में ₹1 लाख तक पाने वाले छोटे दुकानदार भी छूट में हैं. हालांकि अपस्टॉक्स की हिंदी रिपोर्ट इसे अब भी प्रस्ताव बताती है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ जनहित याचिका भी दायर है. इसलिए 15 अक्टूबर से पहले अंतिम स्थिति दोबारा देखें.
NRI से घर खरीदने वालों को TAN की ज़रूरत नहीं
अगर आप किसी NRI से मकान या ज़मीन खरीद रहे हैं, तो TDS काटना पड़ता है. पहले इसके लिए अलग से TAN नंबर लेना पड़ता था. अब 22 सितंबर की अधिसूचना के बाद 1 अक्टूबर से PAN के ज़रिए ही यह काम हो सकेगा. सीए एली की रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए फॉर्म 141 इस्तेमाल होगा. ध्यान रहे, TDS की दर नहीं बदली है.
1 अक्टूबर नए नियम के बाद आज ही करें ये काम
सबसे पहले गैस एजेंसी के ऐप या डिलीवरी कर्मी से अपना आधार प्रमाणीकरण जांच लें. इसके बाद बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट की स्थिति देखें. फिर परिवार में कोई जन्म या मृत्यु पंजीकरण बाकी हो, तो उसे जल्द पूरा करें. अगर आप दुकान चलाते हैं, तो अपने बैंक से UPI शुल्क की जानकारी लें. आखिर में बड़ी FD की योजना हो, तो बैंक की वेबसाइट पर उस दिन की दर देखें.
1 अक्टूबर नए नियम से जुड़े आम सवाल
क्या UPI से पैसे भेजने पर अब ग्राहक को शुल्क देना होगा?
नहीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक MDR दुकानदार पक्ष पर है और ऐप ग्राहकों से अलग शुल्क नहीं ले सकते.
क्या आधार प्रमाणीकरण न कराने पर गैस कनेक्शन बंद होगा?
मंत्रालय के मुताबिक मकसद किसी असली परिवार को गैस से वंचित करना नहीं है. हालांकि प्रमाणीकरण के बिना सब्सिडी वाला दाम नहीं मिलेगा.
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षणिक और सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है. कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले दस्तावेजों की जांच करें और आवश्यकता होने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.
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