आंखें ठीक दिख रही हों, तो हम अक्सर जांच टाल देते हैं. विश्व दृष्टि दिवस 2026 इसी आदत को बदलने की याद दिलाता है. यह दिन गुरुवार, 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा. यहां पढ़िए इस बार का अभियान, जांच का सही समय और वे संकेत जिन पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
विश्व दृष्टि दिवस 2026 कब है और इस बार क्या खास है
आंखों की सेहत पर काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था IAPB के मुताबिक यह दिवस 8 अक्टूबर 2026 को है. इस साल भी अभियान का नाम #LoveYourEyes है. यानी अपनी आंखों से प्यार करें और उनकी जांच कराएं. साथ ही सरकारों से भी सस्ती और आसान नेत्र सेवाएं देने की मांग की जा रही है.
इस साल के अभियान की अहम जानकारी
- तारीख: गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026.
- अभियान: #LoveYourEyes, आयोजक IAPB और उसके 250 से ज़्यादा सदस्य संगठन.
- लक्ष्य: आंखों की सेहत के लिए 50 लाख नए संकल्प यानी प्लेज.
- ग्लोबल चैलेंज: स्कूल, दफ्तर और संसद में आंखों की स्क्रीनिंग.
- आगे: 2 नवंबर को एंटीगुआ और बारबुडा में आंखों की सेहत पर पहला ग्लोबल समिट.
आंखों की समस्या कितनी बड़ी है
WHO के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में करीब 220 करोड़ लोगों को पास या दूर की नज़र में दिक्कत है. इनमें से कम से कम 100 करोड़ मामले ऐसे हैं, जिन्हें रोका जा सकता था या जिनका अब तक इलाज नहीं हुआ. दरअसल, ज़्यादातर मामलों की वजह नज़र का कमज़ोर होना और मोतियाबिंद है.
वहीं WHO यह भी बताता है कि कम आय वाले देशों में चश्मे की ज़रूरत वाले तीन में से दो लोगों को चश्मा नहीं मिलता. इसलिए विश्व दृष्टि दिवस 2026 के अभियान में जांच और सस्ता चश्मा केंद्र में है.
आंखों की जांच कब कराएं
अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी यानी AAO की सलाह है कि सेहतमंद वयस्क 40 साल की उम्र में एक बेसलाइन जांच ज़रूर कराएं. बेसलाइन जांच का मतलब है आंखों की पूरी जांच, ताकि आगे के बदलाव की तुलना हो सके. यह सलाह तब भी है, जब पहले कोई परेशानी न रही हो.
इसके अलावा AAO के मुताबिक डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को ज़्यादा बार जांच की ज़रूरत पड़ सकती है. उधर ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा NHS आमतौर पर हर दो साल में आंखों की जांच की बात करती है. हालांकि डॉक्टर चाहें तो इससे पहले भी जांच कर सकते हैं. ऐसे में सही अंतराल अपने नेत्र विशेषज्ञ से तय करें.
बच्चों की आंखों पर कैसे नज़र रखें
बच्चे अक्सर खुद नहीं बता पाते कि उन्हें धुंधला दिखता है. इसलिए माता-पिता को कुछ संकेतों पर ध्यान देना चाहिए. NHS के मुताबिक ये संकेत आंखों की समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं.
- दोनों आंखें एक ही दिशा में न देखें, यानी भेंगापन.
- किताब चेहरे के बहुत पास रखकर पढ़ना.
- बार-बार आंखें मलना.
- टीवी के बहुत पास बैठना.
- असामान्य रूप से बार-बार ठोकर खाना या गिरना.
ध्यान रहे, NHS साफ कहता है कि समस्या जितनी जल्दी पकड़ में आए, उतना बेहतर है.
ये संकेत दिखें तो देर न करें
कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिनमें इंतज़ार करना नज़र के लिए भारी पड़ सकता है. NHS के मुताबिक आंख में अचानक तैरते धब्बे या चमक दिखना गंभीर संकेत हो सकता है. खासकर तब, जब ये पहली बार दिखें या अचानक बढ़ जाएं.
साथ ही नज़र के आगे काला पर्दा या परछाईं खिसकती दिखे, तो तुरंत मदद लें. धुंधलापन या आंख में दर्द साथ हो, तब भी यही सलाह है. इसके अलावा आंख की सर्जरी या चोट के बाद ऐसे लक्षण दिखें, तो भी देर न करें. NHS के अनुसार ये आंख के पिछले हिस्से की गंभीर समस्या हो सकती है.
वहीं AAO के सर्वे में रात में कम दिखना, पास का पढ़ने में दिक्कत, लाल-पानी भरी आंखें और दोहरा दिखना भी ऐसे लक्षण बताए गए, जिन पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
स्क्रीन के साथ आंखों को आराम कैसे दें
दिन भर मोबाइल और लैपटॉप पर काम करने वालों के लिए 20-20-20 नियम एक आसान तरीका है. यानी हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर देखें. 20 फीट लगभग 6 मीटर होता है. AAO समेत कई नेत्र संस्थाएं आंखों का तनाव कम करने के लिए यह तरीका सुझाती हैं.
हालांकि इस नियम पर वैज्ञानिक शोध अभी सीमित है. फिर भी ब्रेक लेना आंखों की फोकस करने वाली मांसपेशियों को आराम देता है. साथ ही पढ़ने की जगह पर रोशनी सही रखें. अगर आराम के बाद भी तनाव बना रहे, तो जांच कराएं.
विश्व दृष्टि दिवस 2026 पर आप क्या कर सकते हैं
सबसे पहले अपनी और परिवार के बुज़ुर्गों की आंखों की जांच की तारीख तय करें. इसके बाद बच्चों की पढ़ाई की आदतों पर एक हफ्ता नज़र रखें. फिर अगर दफ्तर में स्क्रीनिंग कैंप की सुविधा हो, तो उसका फायदा लें.
इसके अलावा IAPB की वेबसाइट पर #LoveYourEyes का संकल्प लिया जा सकता है. अभियान अपनी आंखों से जुड़ी कहानी साझा करने के लिए भी कहता है.
भारत में सरकारी मदद कहां मिलती है
भारत में राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम यानी NPCBVI चलता है. इसकी शुरुआत 1976 में हुई थी. कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के मुताबिक इसमें मोतियाबिंद का मुफ्त ऑपरेशन शामिल है. साथ ही स्कूली बच्चों को जांच के बाद मुफ्त चश्मा देने का प्रावधान है. वहीं 45 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को पास का मुफ्त चश्मा देने की व्यवस्था भी है. सुविधा की ताज़ा जानकारी अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल से लें.
विश्व दृष्टि दिवस 2026 से जुड़े आम सवाल
क्या विश्व दृष्टि दिवस 2026 पर छुट्टी होती है?
नहीं. यह जागरूकता दिवस है, सार्वजनिक छुट्टी नहीं.
क्या चश्मा लगाने से नंबर बढ़ जाता है?
इस पर अपने नेत्र विशेषज्ञ से ही सलाह लें. जांच में जो नंबर आए, वही चश्मा पहनें.
डिस्क्लेमर: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें. किसी बीमारी, दवा, डाइट या व्यायाम में बदलाव से पहले योग्य डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.इस लेख में कोई बदलाव चाहिए?
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