टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर में जंगल के कच्चे रास्ते पर खुली जिप्सी और दूर बैठा बाघ, मूल इलस्ट्रेशन

तीन महीने की बारिश वाली छुट्टी के बाद जंगलों के गेट फिर खुल रहे हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश के बड़े टाइगर रिज़र्व 1 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों का स्वागत करेंगे. अगर आप टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर में प्लान कर रहे हैं, तो पहले तारीख और बुकिंग की स्थिति जान लें. छत्तीसगढ़ के पार्क भी इन्हीं दिनों खुलने वाले हैं.

टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर में कहां और कब से

राजस्थान के सरिस्का, रणथंभौर, मुकुंदरा और रामगढ़ विषधारी रिज़र्व 1 अक्टूबर से खुल रहे हैं. मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ भी इसी दिन से सफारी शुरू करेगा. वहीं छत्तीसगढ़ के अचानकमार, उदंती-सीतानदी, बारनवापारा और कांगेर घाटी 1–2 अक्टूबर के आसपास खुलने की उम्मीद है. बस्तर का इंद्रावती 1 नवंबर से खुलेगा.

इस सीज़न की सफारी से जुड़ी तारीखें और स्थिति

  • राजस्थान: 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद, 1 अक्टूबर से खुले.
  • बांधवगढ़ (MP): 1 अक्टूबर से सफारी.
  • छत्तीसगढ़: 15 जून से बंद, 1–2 अक्टूबर के आसपास खुलने की संभावना.
  • इंद्रावती (बीजापुर): 1 नवंबर 2026 से सीमित पर्यटन.
  • सरिस्का-रणथंभौर: अक्टूबर की कई सफारी पहले से फुल.

राजस्थान: रणथंभौर और सरिस्का में सीट मिलेगी?

आज तक की 28 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर की कई सफारी पहले ही भर चुकी हैं. दरअसल, रणथंभौर की ऑनलाइन बुकिंग 1 अगस्त से खुलती है. वहीं सरिस्का की बुकिंग 1 सितंबर से शुरू होती है. इसलिए जो लोग आखिरी समय पर योजना बना रहे हैं, उन्हें शुरुआती हफ्तों में सीट मुश्किल से मिलेगी.

इसी रिपोर्ट के अनुसार रणथंभौर में 10 सफारी ज़ोन हैं. साथ ही सरिस्का में कोर इलाके के तीन और बफर के दो रूट बताए गए हैं. ऐसे में अगर टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर के लिए कोर ज़ोन में सीट न मिले, तो बफर ज़ोन का विकल्प देखें. बुकिंग के लिए राजस्थान वन विभाग का FMDSS पोर्टल ही इस्तेमाल करें.

मध्य प्रदेश: बांधवगढ़ में क्या नया

ETV भारत के मुताबिक बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुल रहा है. इससे पहले सितंबर में गाइडों की ट्रेनिंग कराई गई. फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय के अनुसार 181 गाइड इस प्रक्रिया में शामिल हुए.

इसके अलावा मध्य प्रदेश वन विभाग के MPOnline पोर्टल पर अक्टूबर 2026 की एडवांस बुकिंग 1 अगस्त से खुल चुकी है. यही पोर्टल कान्हा, पेंच, पन्ना और सतपुड़ा जैसे पार्कों के परमिट भी देता है. हालांकि हर पार्क के कोर ज़ोन की तारीख अलग हो सकती है, इसलिए पोर्टल पर पहले जांच लें.

छत्तीसगढ़ के टाइगर रिज़र्व कब खुलेंगे

प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडेय ने 15 जून से राज्य के सभी टाइगर रिज़र्व और अभयारण्य बंद करने की घोषणा की थी. अमर उजाला और लल्लूराम की रिपोर्ट में बंदी 1 अक्टूबर तक बताई गई थी. वहीं दोबारा खुलने की तारीख 2 अक्टूबर बताई गई थी. इसलिए सही तारीख 1–2 अक्टूबर के आसपास मानें और स्थानीय वन विभाग से पुष्टि करें.

इसके बाद 1 नवंबर का इंतज़ार बस्तर के इंद्रावती के लिए है. आउटलुक ट्रैवलर और डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक करीब 40 साल बाद यहां पर्यटन शुरू हो रहा है. शुरुआत में सीमित रूट और तय संख्या में वाहन ही जाएंगे.

टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर: गेट पर पहुंचने से पहले की तैयारी

सबसे पहले बुकिंग में दिया पहचान पत्र साथ रखें. आमतौर पर गेट पर वही आईडी मिलाई जाती है. इसके बाद तय समय से पहले गेट पर पहुंचें, क्योंकि देर होने पर एंट्री छूट सकती है. अक्टूबर की सुबह जंगल में ठंडक रहती है, इसलिए हल्की जैकेट रख लें.

साथ ही हरे, खाकी या भूरे जैसे हल्के रंग के कपड़े पहनें. चटक लाल या सफेद कपड़े जानवरों का ध्यान खींच सकते हैं. पानी की बोतल साथ रखें, लेकिन प्लास्टिक का कचरा जंगल में न छोड़ें.

जंगल के अंदर इन बातों का ध्यान रखें

सफारी में सबसे बड़ा नियम है, गाड़ी से नीचे न उतरें. इसके अलावा ऊंची आवाज़ में बात न करें और गाना न बजाएं. फोटो खींचते समय फ्लैश बंद रखें. जानवरों को कुछ भी खिलाने की कोशिश न करें.

वहीं ड्राइवर या गाइड पर बाघ के पीछे गाड़ी दौड़ाने का दबाव न डालें. दरअसल, गाइड इलाके और नियम दोनों अच्छी तरह जानते हैं. अगर बाघ रास्ते पर हो, तो दूरी बनाकर शांत बैठें. इसके अलावा बच्चों को पहले से समझा दें कि उन्हें गाड़ी में शांत बैठना है.

बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ जा रहे हैं तो

खुली जिप्सी में कई घंटे बैठना थकाने वाला हो सकता है. इसलिए बुज़ुर्गों के लिए कुशन और टोपी रखें. वहीं बच्चों के लिए छोटा नाश्ता और दूरबीन काम आती है. ध्यान रहे, बच्चों के टिकट से जुड़े नियम बुकिंग पोर्टल पर पहले पढ़ लें.

टाइगर रिज़र्व सफारी अक्टूबर से जुड़े आम सवाल

क्या अक्टूबर में बाघ दिखना तय है?

नहीं. बाघ दिखना किस्मत और मौसम पर निर्भर है. कई बार तेंदुआ, भालू, हिरण और पक्षी भी सफारी को यादगार बना देते हैं.

क्या होटल या एजेंट से बुकिंग सुरक्षित है?

सबसे सुरक्षित तरीका राज्य वन विभाग का आधिकारिक पोर्टल है. अगर एजेंट से बुक करें, तो परमिट पर अपना नाम और आईडी ज़रूर जांचें.

जानकारी बदल सकती है: पार्क खुलने की तारीख, ज़ोन और बुकिंग नियम मौसम और वन विभाग के आदेश से बदल सकते हैं. यात्रा से पहले संबंधित वन विभाग से ताज़ा जानकारी ज़रूर लें.

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