ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय योगदान से जुड़े कई मुद्दे उठाए। पीएम ने कहा कि भारत दुनिया को सस्ती दवाएं और कुशल प्रतिभाएं उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने शून्य का उदाहरण देते हुए भारत की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र किया। उनके अनुसार, भारत ने दुनिया को महत्वपूर्ण ज्ञान दिया, लेकिन इसके बदले रॉयल्टी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि देश की क्षमताओं का इस्तेमाल दूसरों को आगे बढ़ाने में होना चाहिए।

भारत में पहली बार आयोजित हुआ वैश्विक आर्थिक सम्मेलन

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन पहली बार भारत में किया जा रहा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में वैश्विक अर्थव्यवस्था और बदलते अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर चर्चा हो रही है।

इस वर्ष फोरम की थीम बदलती दुनिया में शक्ति के नए स्रोतों को पहचानने पर केंद्रित है। इसमें तकनीक, ऊर्जा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे विषय शामिल हैं।

पीएम मोदी के संबोधन की 8 अहम बातें

  • वैश्विक सहयोग का संदेश: पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का उपयोग दूसरों को अवसर देने के लिए होना चाहिए। भारत देशों को जोड़ने और साझा विकास में विश्वास रखता है।
  • 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन: उन्होंने कोविड महामारी के दौरान भारत की वैक्सीन आपूर्ति का उल्लेख किया। भारत ने उस समय कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई थी।
  • AI से बदलती दुनिया: प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा और सप्लाई चेन की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत बताई।
  • गरीबी में कमी का दावा: पीएम ने कहा कि पिछले दशक में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। उन्होंने छोटे शहरों में स्टार्टअप के बढ़ते अवसरों का भी जिक्र किया।
  • GDP वृद्धि दर 7.8%: उन्होंने भारत की आर्थिक विकास दर और 700 अरब डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार का उल्लेख किया। साथ ही आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
  • सस्ता मोबाइल डेटा: पीएम ने बताया कि किफायती इंटरनेट से छोटे शहरों के छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा और जानकारी हासिल करने में मदद मिली है।
  • सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता: उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का उल्लेख किया। इस व्यवस्था के जरिए सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाई जाती है।
  • लोकतंत्र और नागरिक सशक्तीकरण: प्रधानमंत्री ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताया। उन्होंने शासन के माध्यम से लोगों को अवसर देने और सशक्त बनाने पर जोर दिया।

डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल ढांचे को आर्थिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया। डिजिटल सेवाओं से भुगतान, जानकारी और कई सरकारी सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई है।

स्टार्टअप का विस्तार भी युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। छोटे शहरों में तकनीक आधारित कारोबार और नवाचार को बढ़ावा मिलने से उद्यमिता का दायरा बढ़ा है।

आर्थिक सुधारों और निवेश पर क्या बोले पीएम?

पीएम मोदी ने कारोबार को आसान बनाने और आर्थिक सुधारों को जारी रखने की बात कही। उन्होंने कर व्यवस्था, दिवालियापन कानून और श्रम सुधारों का उल्लेख किया।

उन्होंने GDP वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों को भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतकों के रूप में पेश किया। उनके संबोधन में निवेश, तकनीक और नवाचार की भूमिका भी प्रमुख रही।

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका क्यों अहम?

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में प्रधानमंत्री का संबोधन भारत की दवा आपूर्ति, डिजिटल तकनीक और आर्थिक विकास पर केंद्रित रहा। उन्होंने इन क्षेत्रों में भारत के योगदान को साझा प्रगति से जोड़ा।

उनका संदेश था कि किसी देश की शक्ति का उपयोग केवल अपने हितों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका लाभ दूसरे देशों और आम लोगों तक भी पहुंचना चाहिए।

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