PM Modi, मेड-इन-इंडिया विमान, Captain Smit Machchhar,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में उन्होंने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का भी जिक्र किया।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारतीय पायलट की बहादुरी की चर्चा कर रही है। आने वाले समय में भारत के विमान निर्माण की भी चर्चा होनी चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने मेड-इन-इंडिया विमान बनाने का लक्ष्य सामने रखा।

उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य केवल नारों से हासिल नहीं होते। इसके लिए दूरदर्शी नीतियों की जरूरत होती है। साथ ही लगातार मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति भी जरूरी है।

कैप्टन स्मित मच्छार का साहस बना उदाहरण

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कैप्टन स्मित मच्छार का उल्लेख किया। हाल ही में फ्लाईदुबई की एक उड़ान में मच्छार पर सह-पायलट ने हमला किया था। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की।

इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया। विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। प्रधानमंत्री ने पहले भी मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी।

इस घटना का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने भारतीय पायलटों की क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अब भारत को विमान निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।

ऑपरेशन सिंदूर का भी भाषण में जिक्र

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सुरक्षा नीति से जोड़कर बात रखी। ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई से जुड़ा था।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने इस संदर्भ में देश की सुरक्षा क्षमता और आत्मविश्वास पर जोर दिया।

हालांकि, उनके भाषण का फोकस केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विकास, आत्मनिर्भरता और भविष्य की तकनीकी क्षमता पर भी बात की।

आत्मनिर्भर एविएशन के लिए दूरदर्शी नीतियों पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को बड़े सपनों के लिए लंबी तैयारी करनी होगी। इसके लिए नीतियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना होगा।

विमान निर्माण एक जटिल और तकनीक आधारित क्षेत्र है। इसमें डिजाइन, इंजन, एवियोनिक्स और सुरक्षा तकनीक महत्वपूर्ण हैं। इसलिए भारत को इस क्षेत्र में मजबूत औद्योगिक क्षमता विकसित करनी होगी।

देश में नागरिक विमान निर्माण को लेकर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 6 अक्टूबर 2026 को कहा था कि भारत दो साल में अपना पहला स्वदेशी नागरिक विमान बना सकता है।

25 साल के अनुभव से नए संकल्पों तक

पीएम मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सीखने की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि वह आज भी खुद को विद्यार्थी मानते हैं।

उन्होंने विरोध, असफलता और संकटों से मिली सीख का भी जिक्र किया। उनके अनुसार हर चुनौती ने आगे बढ़ने का अवसर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सेवा सबसे महत्वपूर्ण भावना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के योगदान को भी याद किया।

उन्होंने इस अवसर को पुराने सफर की यादों तक सीमित नहीं रखा। इसके बजाय उन्होंने भविष्य के लिए नए संकल्प दोहराए।

विकसित भारत 2047 से अंतरिक्ष तक बड़े लक्ष्य

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं के साथ कई बड़े संकल्प दोहराए। इनमें विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य शामिल रहा।

उन्होंने ओलंपिक की मेजबानी और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ने की बात भी कही। इन लक्ष्यों के लिए उन्होंने लगातार प्रयास और सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया।

भाषण में सामने आए प्रमुख लक्ष्य:

  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करना।
  • भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना।
  • आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ना।
  • विमान और अंतरिक्ष तकनीक में घरेलू क्षमता बढ़ाना।

भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए नई दिशा

मेड-इन-इंडिया विमान का लक्ष्य भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण दिशा दिखाता है। इससे विमान निर्माण के साथ कई सहायक क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

इस क्षेत्र में इंजीनियरिंग, कंपोनेंट निर्माण और तकनीकी अनुसंधान की भूमिका अहम होगी। इसके अलावा कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं।

भारत में विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाने की कोशिश आयात पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकती है।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी के भाषण में सुरक्षा और विकास दोनों प्रमुख विषय रहे। मेड-इन-इंडिया विमान का लक्ष्य इसी व्यापक आत्मनिर्भरता की सोच से जुड़ा नजर आया।






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