छत्तीसगढ़ किसान सम्मान निधि

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के साथ प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक सहायता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख किसानों को मिली 498.48 करोड़ रुपये की राशि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के खातों में कुल 498 करोड़ 48 लाख रुपये भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जानकारी दी कि प्रदेश के किसानों को इस योजना के माध्यम से अब तक 11,776 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता मिल चुकी है।

यह सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी सामान खरीदने और कृषि गतिविधियों को जारी रखने में आर्थिक मदद मिलती है।

खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह राशि बीज, खाद, उर्वरक और दूसरी कृषि जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो सकती है।

किसानों की खुशहाली से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। खेती से जुड़े परिवारों की आमदनी बढ़ने से गांवों में रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाओं से जोड़कर उनकी आय के स्थायी स्रोत तैयार करना भी है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसान परिवारों से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को मिलेगी सरकारी सहायता

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए भी राज्य सरकार ने राहत की बात कही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चक्रवात अर्नब के कारण प्रदेश के कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस स्थिति को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सर्वेक्षण के बाद पात्र किसानों को आरबीसी 6-4 के नियमों के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

सरकार ने जिला प्रशासन को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नुकसान झेलने वाले किसानों तक राहत समय पर पहुंच सके।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 360 नए केंद्र बनाए जाएंगे

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी है।

सरकार के अनुसार, किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा।

इसके साथ ही प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के खुलने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम हो सकती है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है।

आधुनिक खेती से किसानों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी

राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और खेती के वैकल्पिक साधनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत कई गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है:

  • प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा।
  • आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग।
  • फसल विविधीकरण के माध्यम से जोखिम कम करना।
  • पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन।
  • मत्स्यपालन और उद्यानिकी के नए अवसर विकसित करना।
  • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।

इन प्रयासों से किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा दूसरे कृषि आधारित व्यवसायों से भी कमाई करने के अवसर मिल सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को बताया विकसित भारत की नींव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान उत्सव दिवस के दौरान किसानों के योगदान को विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और कृषि उत्पादन में वृद्धि के बिना देश की समग्र प्रगति संभव नहीं है।

केंद्र सरकार का जोर खेती की लागत कम करने, कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर है।

कृषि क्षेत्र में इन बदलावों से आने वाले समय में किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

किसानों के लिए इस घोषणा की 5 बड़ी बातें

इस पूरे कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

  1. 498.48 करोड़ रुपये ट्रांसफर: प्रदेश के 24,59,707 किसानों को 24वीं किस्त का लाभ मिला।
  2. कुल सहायता 11,776 करोड़ रुपये से अधिक: योजना के तहत छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक इतनी राशि मिल चुकी है।
  3. 15 नवंबर से धान खरीदी: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए खरीदी शुरू करने की घोषणा की गई।
  4. 360 नए उपार्जन केंद्र: किसानों की सुविधा के लिए नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  5. आपदा प्रभावित किसानों को राहत: फसल नुकसान का सर्वे कर पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता दी जाएगी।

निष्कर्ष: किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए आर्थिक सहायता, धान खरीदी की व्यवस्था और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने से जुड़ी घोषणाएं महत्वपूर्ण हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना है।

छत्तीसगढ़ किसान सम्मान निधि के तहत मिली नई किस्त से लाखों किसान परिवारों को खेती की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। वहीं, 360 नए धान खरीदी केंद्रों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि सरकारी घोषणाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचे और कृषि से जुड़ी सुविधाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो।

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