सिम्स के स्टाफ को कॉलर पकड़कर अस्पताल से बाहर ले जाने और कथित रुप से मारपीट के बाद टीएस सिंहदेव के करीबी कांग्रेस नेता पंकज सिंह पर बिलासपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
लेकिन इस पूरे मामले को बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय ने राजनीतिक रंग देते हुए कहा कि पंकज सिंह के खिलाफ पुलिस ने बिना जांच के एफआईआर दर्ज की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ऊपर से आदेश आया था। उन्होंने ये भी कहा कि हम लोग टीएस सिंहदेव के लोग हैं, इसलिए क्या बार-बार एफआईआर दर्ज कर रहे है।

फुटेज में दिख रहा सच

लेकिन विधायक शैलेश पांडेय ये भूल गए कि एफआईआर टीएस के समर्थक होने के नाते नहीं ब्लकि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद की गई है। फुटेज देखकर ये सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई सही है या गलत।
ऐसा नहीं है कि विधायक महोदय ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने सीसीटीवी फुटेज देखे बिना ही पहुंच गए होंगे। लेकिन मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस सीसीटीवी फुटेज का कही भी जिक्र नहीं किया है।

टैक्नीशियन से बदतमीजी

दरअसल सिम्स में मसानगंज निवासी को सोमवार रात को भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरी जांच के बाद मरीज का एमआरआई कराने को कहा गया। जब मरीज के परिजन एमआरआई कराने पहुंचे तो टैक्नीशियन ने उन्हें रुकने को कहा। इतने में परिजनों ने प्रदेश कांग्रेस सचिव पंकज सिंह को फोन किया और उन्हें सिम्स बुला लिया। पंकज देर रात सिम्स पहुंचे और रेडियोलॉजी विभाग के टैक्नीशियन के साथ बदतमीजी करते हुए मारपीट कर दी।

मंत्री के समर्थक हैं तो किसी भी हद तक जा सकते हैं !

इसी मामले को लेकर पंकज सिंह के खिलाफ शासकीय काम में बाधा डालने को लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई। पंकज सिंह बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय के कट्टर समर्थक हैं. वहीं वो स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के खेमे से आते हैं। लिहाजा एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक शैलेश पांडेय समर्थकों के साथ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे। लेकिन पंकज ने शासकीय काम में ना सिर्फ बाधा डाला बल्कि मारपीट भी की जो कि गैरजमानती है। कौन गलत है कौन सही इस बात का फैसला कानून जांच के बाद करती। लेकिन जांच से पहले ही पुलिस पर आरोप लगाते हुए मनगढंत कहानियां बनाना कहां तक सही है। अब इन सब चीजों से साफ होता जा रहा है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के समर्थक कानून तोड़ने के बाद किसी भी हद तक जा सकते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद पुलिस ने अपना काम किया है।